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Share Buyback New Tax Rules: बजट 2026 में शेयर बायबैक के टैक्स नियमों में क्या हुआ है बदलाव?

अभी शेयर बायबैक प्रोग्राम में पार्टिसिपेट करने वाले रिटेल इनवेस्टर्स को जो पैसे मिलते हैं, उसे डिविडेंड इनकम माना जाता है। इस पर इनवेस्टर के टैक्स-स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। इससे रिटेल इनवेस्टर्स को शेयर बायबैक में पार्टिसिपेट करने पर काफी टैक्स चुकाना पड़ता है

Edited By: Parijat Sinhaअपडेटेड Feb 05, 2026 पर 6:59 PM
Share Buyback New Tax Rules: बजट 2026 में शेयर बायबैक के टैक्स नियमों में क्या हुआ है बदलाव?
यूनियन बजट 2024 में शेयर बायबैक के टैक्स के नियमों में बदलाव के बाद रिटेल इनवेस्टर्स बायबैक प्रोग्राम में दिलचस्पी नहीं दिखाते थे।

यूनियन बजट 2026 में सरकार ने शेयर बायबैक के टैक्स के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है। इससे सरकार ने शेयर बायबैक पर टैक्स के नियमों को लेकर रिटेल इनवेस्टर्स की शिकायतें दूर करने की कोशिश की है। सरकार के बायबैक के टैक्स के नियमों में क्या बदलाव किया है?

अभी शेयर बायबैक पर टैक्स का नियम क्या है?

अभी शेयर बायबैक प्रोग्राम में पार्टिसिपेट करने पर रिटेल इनवेस्टर्स को जो पैसे मिलते हैं, उस पूरे पैसे को डिविडेंड इनकम माना जाता है। इस पर इनवेस्टर के टैक्स-स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। इससे रिटेल इनवेस्टर्स को शेयर बायबैक में पार्टिसिपेट करने पर काफी टैक्स चुकाना पड़ता है। ज्यादा टैक्स ब्रैकेट में आने वाले इनवेस्टर्स पर टैक्स का बोझ काफी बढ़ जाता है। रिटेल इनवेस्टर्स टैक्स के इस नियम में काफी समय से बदलाव की मांग कर रहे थे।

रिटेल इनवेस्टर्स को क्यों ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ता है?

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