Share Market Crash: विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और मुनाफावसूली ने आज मार्केट पर भारी दबाव बनाया। शुरुआती कारोबार की अच्छी बढ़त गंवाते हुए मार्केट बुरी तरह टूट गया। सेंसेक्स डे-हाई से 1208 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी 22600 के पार जाने के बाद फिसलकर 22400 के एकदम करीब तक आ गया और दिन के आखिरी में भी ये गहरे लाल बंद हुए। वहीं ब्रोडर लेवल पर रुझान मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप 100 आधे फीसदी से अधिक की बढ़त गंवाते हुए लाल बंद हुआ तो दूसरी तरफ निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1% से अधिक बढ़त आई। मार्केट में डर को मापने वाले India VIX में तेज उछाल ने दबाव बढ़ाया।
अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 12 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 547.65 प्वाइंट्स यानी 0.76% की गिरावट के साथ 71,924.68 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 157.10 प्वाइंट्स यानी 0.70% की फिसलन के साथ 22,363.35 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में बात करें तो सेंसेक्स 411.92 प्वाइंट्स चढ़कर 72,884.25 तक पहुंचा था जिससे फिर यह 1208.15 प्वाइंट्स फिसलकर 71,676.10 तक आ गया और निफ्टी भी पहले 130.65 प्वाइंट्स चढ़कर 22,651.1 तक पहुंचा, जहां से यह 346.65 प्वाइंट्स टूटकर 22,304.45 तक आ गया था।
Stock Market Crash: ये है वजह
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली थम ही नहीं पा रही, जिससे मार्केट पर दबाव बना है। एक कारोबारी दिन पहले 9 अक्टूबर 2026 को विदेशी निवेशकों ने लगातार 11वें कारोबारी दिन बिकवाली करते हुए ₹3,568 करोड़ मूल्य के शेयरों की नेट बिक्री की।
हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला
सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों के हमले में एक भारतीय की मौत हो गई और 10 अन्य भारतीय घायल हुए हैं। इस हमले ने पश्चिमी एशिया में फिर तनाव गहराने की आशंका बढ़ाई तो मार्केट पर दबाव बढ़ा।
FMCG और बैंकिंग शेयरों का दबाव
सेक्टरवाइज मार्केट को आज सबसे अधिक एफएमसीजी कंपनियों और सरकारी बैंकों ने तोड़ा। निफ्टी एफएमसीजी आज डेढ़ फीसदी से अधिक बंद हुआ तो निफ्टी पीएसयू बैंक 1% से अधिक कमजोर हुआ। निफ्टी प्राइवेट बैंक में भी करीब आधे फीसदी की गिरावट आई तो निफ्टी आईटी में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट आई। रियल्टी और फार्मा शेयरों ने मार्केट को संभालने की कोशिश की और इनके निफ्टी इंडेक्स में आधे फीसदी के आसपास की तेजी आई।
मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में उछाल से मार्केट पर दबाव बना है। आज यह 5.98% की तेजी के साथ 15.24 पर बंद हुआ है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है। इसके 15 के ऊपर जाने पर वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका बढ़ती है।
एनालिस्ट्स के मुताबिक निफ्टी को बुलिश रुझान दिखाने के लिए 22,650 के ऊपर बने रहना होगा। बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि लगातार आठ कारोबारी हफ्ते की 25 साल में सबसे लंबी गिरावट के बाद मार्केट संभला लेकिन अभी भी इसे पक्की रिकवरी नहीं कही जा सकती है। पबित्रो का कहना है कि मार्केट को मजबूत प्राइस एक्शन और मैक्रोइकनॉमिक स्तर पर सहारे की जरूरत है। उनका कहना है कि 22,600 के ऊपर मजबूत बढ़त ही 22,800 और 23,100 का रास्ता खोलेगा और अगर यह 22,600 के ऊपर नहीं टिक पाता है तो निफ्टी 22,200-22,600 की रेंज में कंसालिडेट हो सकता है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।