Share Market Crash: अधिकतर एशियाई बाजारों में बिकवाली की आंधी के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट में आज आज ऐसा कोहराम मचा कि सेंसेक्स और निफ्टी पूरी बढ़त गंवाते हुए लाल हो गए। डे-हाई से सेंसेक्स 986 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी 24600 के पार जाने के बाद फिसलकर 22400 के नीचे आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर अच्छी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में डेढ़ फीसदी से अधिक बढ़त है। इस प्रकार आज मार्केट की रौनक को मिडकैप और स्मॉलकैप संभालने की कोशिश कर रहे।
अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें फिलहाल 11:56 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 498.92 प्वाइंट्स यानी 0.69% की गिरावट के साथ 71973.41 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 126.75 प्वाइंट्स यानी 0.56% की फिसलन के साथ 22393.70 पर है। इंट्रा-डे में बात करें तो सेंसेक्स 411.92 प्वाइंट्स चढ़कर 72,884.25 तक पहुंचा था जिससे फिर यह 986.08 प्वाइंट्स फिसलकर 71,898.17 तक आ गया और निफ्टी भी पहले 130.65 प्वाइंट्स चढ़कर 22,651.1 तक पहुंचा, जहां से यह 280.45 प्वाइंट्स टूटकर 22,370.65 तक आ गया।
Stock Market Crash: ये है वजह
आज लगातार दूसरे कारोबारी दिन मार्केट में अच्छी बढ़त दिखी। इस तेजी का फायदा उठाते हुए ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली होने लगी तो मार्केट पर दबाव बढ़ा।
हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला
सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों के हमले में एक भारतीय की मौत हो गई और 10 अन्य भारतीय घायल हुए हैं। इस हमले ने पश्चिमी एशिया में फिर तनाव गहराने की आशंका बढ़ाई तो मार्केट पर दबाव बढ़ा।
आरबीआई डॉलर के मुकाबले रुपये को अधिक कमजोर होने से बचाने की कोशिश कर रहा है, जिससे बैंकिंग सिस्टम से अतिरिक्त लिक्विडिटी को हटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि इससे बैंकिंग शेयरों पर दबाव पड़ा।
मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में उछाल से मार्केट पर दबाव बना है। फिलहाल यह 5.39% की तेजी के साथ 15.15 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।
एनालिस्ट्स के मुताबिक निफ्टी को बुलिश रुझान दिखाने के लिए 22,650 के ऊपर बने रहना होगा। बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि लगातार आठ कारोबारी हफ्ते की 25 साल में सबसे लंबी गिरावट के बाद मार्केट संभला लेकिन अभी भी इसे पक्की रिकवरी नहीं कही जा सकती है। पबित्रो का कहना है कि मार्केट को मजबूत प्राइस एक्शन और मैक्रोइकनॉमिक स्तर पर सहारे की जरूरत है। उनका कहना है कि 22,600 के ऊपर मजबूत बढ़त ही 22,800 और 23,100 का रास्ता खोलेगा और अगर यह 22,600 के ऊपर नहीं टिक पाता है तो निफ्टी 22,200-22,600 की रेंज में कंसालिडेट हो सकता है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।