Share Market Crash: शेयर बाजार इन 8 कारणों से लाल; सेंसेक्स 931 अंक लुढ़का, निफ्टी 23800 से नीचे
Share Market Crash: कच्चे तेल की कीमत में तेजी लौटने से घबराहट में अधिकतर एशियाई बाजार भी लुढ़क गए। एक दिन पहले पश्चिम एशिया में दो सप्ताह के युद्ध विराम की घोषणा से वैश्विक बाजारों में तेजी और कच्चे तेल के दाम में नरमी से घरेलू बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा था
इससे पहले बुधवार को शेयर बाजार में लगातार 5वें दिन तेजी दर्ज की गई थी और यह जोरदार रही थी।
भारतीय शेयर बाजारों में 9 अप्रैल को गिरावट ने फिर से दस्तक दे दी है। दरअसल पश्चिम एशिया में नए सिरे से तनाव बढ़ने और संभावित युद्धविराम उल्लंघन की आशंकाओं के बीच निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 1215 अंक तक टूटकर 76,347.90 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी 314.55 अंक तक गिरकर 23,682.80 के लो तक गया। बाद में सेंसेक्स 931.25 अंक या 1.20 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 76,631.65 पर बंद हुआ। निफ्टी 222.25 अंक या 0.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,775.10 पर बंद हुआ।
इससे पहले बुधवार को शेयर बाजार में लगातार 5वें दिन तेजी दर्ज की गई थी और यह जोरदार रही थी। पश्चिम एशिया में दो सप्ताह के युद्ध विराम की घोषणा से वैश्विक बाजारों में तेजी और कच्चे तेल के दाम में नरमी से घरेलू बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा था।
इसके अलावा RBI के रेपो रेट को स्थिर रखने के फैसले, सभी क्षेत्रों में भारी खरीद और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती से भी निवेशकों की धारणा में सुधार हुआ था। सेंसेक्स 2,946.32 अंक या 3.95 प्रतिशत बढ़कर 77,562.90 पर और निफ्टी 873.70 अंक या 3.78 प्रतिशत बढ़कर 23,997.35 पर बंद हुआ था।
गुरुवार को आई गिरावट के मुख्य कारण
मध्य-पूर्व में फिर से तनाव: ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर अनिश्चितता ने एक बार दुनिया के अधिकतर बाजारों में बिकवाली का माहौल बना दिया है। बुधवार को इजरायल ने लेबनान पर अब तक के सबसे जोरदार हमले किए। इसके चलते ईरान ने कहा है कि अमेरिका के साथ ऐसे हालात में द्विपक्षीय बातचीत बेमानी है। ईरान ने कहा है कि अमेरिका एक बार फिर अपने कमिटमेंट्स का उल्लंघन कर रहा है। इस बात से निवेशकों का रुख सतर्क हो गया। शनिवार को होने वाली US-ईरान बातचीत से पहले मिले विरोधाभासी संकेतों ने इस डर को फिर से जगा दिया है कि यह संघर्ष-विराम शायद सिर्फ एक अस्थायी विराम ही हो।
कच्चे तेल में उबाल: सीजफायर पर सहमति न बन पाने के कारण ईरान ने महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद कर दिया है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमत में तेजी लौटी, जिससे घबराहट में अधिकतर एशियाई बाजार भी लुढ़क गए। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 2.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 96.73 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत 2.60 डॉलर या 2.75 प्रतिशत बढ़कर 97.01 डॉलर प्रति बैरल हो गई है।
रुपये में गिरावट: रुपया गुरुवार को शुरुआती कारोबार में 17 पैसे टूटकर 92.71 प्रति डॉलर पर आ गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि पश्चिम एशिया में स्थिति नाजुक बनी रहने से बाजार मजबूत रुख अपनाने के बजाय ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में हैं। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.63 पर खुला। फिर शुरुआती कारोबार में 92.71 प्रति डॉलर तक लुढ़क गया। रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.54 पर बंद हुआ था।
ग्लोबल मार्केट्स की गिरावट: एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्केई 225, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। कॉस्पी में लगभग 2 प्रतिशत गिरावट है। पिछले कारोबार में इन्होंने तेज उछाल देखा था। अमेरिकी और यूरोपीय बाजार बढ़त में बंद हुए।
प्रॉफिट बुकिंग: घरेलू बाजार में लगातार 5 सत्रों की बढ़त के बाद निवेशक मुनाफा बुक कर रहे हैं। बड़े पैमाने पर सेलिंग हो रही है।
IT और बैंक शेयरों में बिकवाली: TCS के नतीजे जारी होने से पहले, Nifty IT इंडेक्स 1.3 प्रतिशत गिर गया। बड़े IT शेयरों में बिकवाली ने भी बेंचमार्क इंडेक्स को नीचे खींच लिया। बैंक शेयरों में भी भारी बिकवाली है। Bank Nifty लगभग 2 प्रतिशत नीचे आया है। इस पर लिस्टेड सभी 14 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। Nifty PSU बैंक और प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी 2 प्रतिशत तक फिसले हैं।
FII की लगातार बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को 2,811.97 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। FII की ओर से लगातार बिकवाली से घरेलू बाजारों पर दबाव पड़ता है, क्योंकि इससे लिक्विडिटी कम हो जाती है। यह वैश्विक निवेशकों के सतर्क रवैये का संकेत देता है।
India VIX में उछाल: बाजार की अस्थिरता को मापने वाला India VIX 3 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 20.29 के स्तर पर पहुंच गया। VIX का ऊंचा स्तर निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता और जोखिम की आशंका को दर्शाता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।