Share Market Crash: एशियाई के अधिकतर बाजारों और अमेरिकी मार्केट से मजबूत संकेतों के बीच आज घरेलू स्टॉक मार्केट में शुरुआती रौनक के बाद दबाव दिखने लगा। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी की बात करें तो शुरुआती बढ़त गंवाते हुए ये काफी नीचे आ गए। सेंसेक्स इंट्रा-डे हाई से 500 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 भी 24000 के पार जाने के बाद फिसल गया और 24850 के करीब आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर मिडकैप में थोड़ा दबाव है लेकिन स्मॉलकैप स्पेस में रौनक दिख रही है। निफ्टी मिडकैप 100 में हल्की गिरावट है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक बढ़त है।
अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:13 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 128.14 प्वाइंट्स यानी 0.17% की गिरावट के साथ 76,600.23 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 56.70 प्वाइंट्स यानी 0.24% की फिसलन के साथ 23,889.55 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 308.99 प्वाइंट्स चढ़कर 77,037.36 तक पहुंचा था जिससे यह 581.77 प्वाइंट्स फिसलकर 76,455.49 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी 50 भी शुरुआती कारोबार में 89.30 प्वाइंट्स उछलकर 24,035.55 के इंट्रा-डे हाई तक पहुंचा था और फिर रिवर्स होकर 183.60 प्वाइंट्स टूट गया और 23,851.95 तक आ गया।
Share Market Fall: ये है वजह
मार्केट पर आज आईटी शेयरों ने तगड़ा दबाव बनाया और इस काम में एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर भी साथ दे रहे हैं। निफ्टी आईटी डेढ़ फीसदी से अधिक टूट गया है तो ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। पीएसयू बैंक के निफ्टी इंडेक्स में करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी प्राइवेट बैंक में हल्की गिरावट है।
आज निफ्टी के साथ-साथ बैंक निफ्टी समेत एनएसई के अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव्स की मंथली एक्सपायरी है। इनके अलावा स्टॉक्स के भी F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) कॉन्ट्रैक्ट्स की भी आज मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में इसका असर है।
मार्केट को घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में उछाल ने मार्केट पर दबाव बनाया है। फिलहाल यह 1.35% के उछाल के साथ 13.80 पर है। इसके अधिक होने का मतलब अगले कुछ हफ्तों में मार्केट में वोलैटिलिटी के हाई होने की आशंका है तो इसके कम होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।
चूंकि वीकेंड पर अमेरिका और ईरान के बीच एक बार हमले शुरू हुए थे तो अभी दोनों देशों के हमले रोकने के बावजूद डर बना हुआ है। ऐसे में मार्केट में तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया तो इस पर दबाव पड़ा और यह नीचे आ गया।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।