Share Market Crash: लॉन्ग टर्म के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड में उछाल और रुपये की कमजोरी ने मिलकर मार्केट को ऐसा तोड़ा कि सेंसेक्स (Sensex) 600 प्वाइंट्स फिसल गया तो निफ्टी 50 (Nifty 50) भी गिरकर 23400 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी बिकवाली का दबाव है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1% से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी मिडकैप 100 भी करीब 1% कमजोर हुआ है। सेक्टरवाइज आईटी और फार्मा को छोड़ सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स लाल है। हालांकि निफ्टी आईटी और निफ्टी फार्मा में भी करीब आधे-आधे फीसदी की बढ़त है। दूसरी तरफ निफ्टी ऑटो शुरुआती कारोबार में 1% टूट गया था लेकिन इसमें मामूली ही गिरावट है तो पीएसयू बैंक और रियल्टी के निफ्टी इंडेक्स में 1-1% से अधिक की गिरावट है। निफ्टी एफएमसीजी में करीब 1% की फिसलन है तो निफ्टी मेटल ने 1% से अधिक की गिरावट से उबरने की कोशिश की लेकिन अब भी इसमें आधे फीसदी से अधिक कमजोरी है।
अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सों की बात करें तो फिलहाल 10:08 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 441.33 प्वाइंट्स यानी 0.59% की गिरावट के साथ 74,759.52 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 129.55 प्वाइंट्स यानी 0.55% की फिसलन के साथ 23,488.45 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 671.44 प्वाइंट्स गिरकर 74,529.41 और निफ्टी 220.70 प्वाइंट्स फिसलकर 23,397.30 तक आ गया था।
Share Market Crash: इन वजहों से मार्केट में बिकवाली का दबाव
मार्केट पर आज रुपये की कमजोरी ने काफी दबाव बनाया है। एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह 32 पैसे गिरकर ₹96.85 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया।
30-साल के अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल ने मार्केट पर तगड़ा दबाव बनाया। यील्ड दो दशकों के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई है क्योंकि महंगाई में तेज रफ्तार से बढ़ोतरी की आशंका ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी के आसार बढ़ाए हैं। 30 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड सात बेसिस प्वाइंट्स उछलकर 5.20% हो गई और आखिरी बार यह लेवल 2007 के वैश्विक आर्थिक संकट के समय दिखा। पिछली बार यह लगभग 5.18% था। जब बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो निवेशकों को सरकारी बॉन्ड जैसे सुरक्षित निवेश में ज्यादा रिटर्न मिलने लगता है और कई बड़े निवेशक शेयरों से पैसा निकालकर बॉन्ड में लगाने लगते हैं।
एशियाई बाजारों में गिरावट
अमेरिकी बाजार में ओवरनाइट गिरावट की आंच आज एशियाई मार्केट में भी दिखी। अमेरिकी मार्केट में एसएंडपी 500 और नास्डाक आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं इंडोनेशिया के जकार्ता कंपोजिट में करीब 2%, जापान के निक्केई 225 में करीब डेढ़ फीसदी, दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1% से अधिक तो सिंगापुर के स्ट्रेट टाइम्स में करीब 1% की गिरावट है। हॉन्ग कॉन्ग का हैंग सैंग में भी लाल है और इसमें आधे फीसदी की गिरावट है तो चीन के शंघाई कंपोजिट में भी करीब आधे फीसदी की कमजोरी है।
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौतों को लेकर अनिश्चितता के चलते कच्चा तेल अभी भी ऊपर बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड का फ्यूचर्स अभी भी प्रति बैरल $110 के पार है।
मार्केट में घबराहट को मापने वाले इंडेक्स इंडिया विक्स उछलकर 19 के पार पहुंचा तो निवेशक घबरा उठे। फिलहाल इंडिया विक्स 3.02% के उछाल के साथ 19.24 पर है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।