Trading Plan: बाजार को अहम खबर का इंतजार, मौजूदा माहौल में सतर्क रहें और आक्रामक लेवरेज्ड ओवरनाइट पोजीशन लेने से बचें
Trading Plan: Nifty के लिए तत्काल सपोर्ट 23,500 पर दिख रहा है। इसके बाद अगला अहम सपोर्ट 23,400 के जोन में होगा। हालांकि,अगर बाजार में उछाल आता है तो 23,800–23,850 का जोन काफी अहम होगा। इसके ऊपर ही कोई मज़बूत चाल तेजड़ियों को फिर से एक्टिव कर सकती है
Trading Plan: आदित्य ठुकराल का कहना है कि Nifty को 23,800 के पिछले सपोर्ट ज़ोन के पास लगातार रुकावट का सामना करना पड़ा है जो अब रेजिस्टेंस का काम कर रहा है
Trading Plan : बाजार में चल रहे मंदी के माहौल और तेल की बढ़ी हुई कीमतों के बीच Nifty आज भी पिछले दिन की गिरावट को आगे बढ़ता दिख रहा है। हालांकि इसके यह 23,300–23,800 के सीमित दायरे में ही रहने की उम्मीद है। निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,500 पर है,जिसके बाद 23,400 का अहम सपोर्ट जोन रहेगा। हालांकि,अगर बाजार में उछाल आता है तो 23,800–23,850 का जोन काफी अहम होगा। इस स्तर से ऊपर की कोई भी मज़बूत चाल ही बाजार में और तेजी ला सकती है।
इस बीच,अगर Bank Nifty 53,300 के नीचे गिरता है तो 52,800 की ओर और गिरावट संभव है। हालांकि, बाजार जानकारों का कहना है कि 53,800 के ऊपर जाने पर बैंकिंग इंडेक्स 54,400 की ओर बढ़ सकता है। ट्रेडर्स को मौजूदा माहौल में सतर्क रहने और आक्रामक लेवरेज्ड ओवरनाइट पोजीशन लेने से बचने की सलाह है।
निफ्टी आउटलुक और रणनीति
AT रिसर्च एंड रिस्क मैनेजर्स के फाउंडर और एनालिस्ट आदित्य ठुकराल का कहना है कि Nifty को 23,800 के पिछले सपोर्ट ज़ोन के पास लगातार रुकावट का सामना करना पड़ा है जो अब रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। हालांकि,ट्रेंड साइडवेज़ ही रहा,क्योंकि इंडेक्स 23,263 और 23,839 के हालिया स्विंग लो और स्विंग हाई के दायरे में ही बना रहा। इस तरह के उतार-चढ़ाव आमतौर पर तब देखने को मिलते हैं,जब बाज़ार किसी अहम खबर का इंतज़ार कर रहा होता है।
हालांकि,बाजार की बिगड़ती ब्रेथ और इंडेक्स का लगातार सभी अहम एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करना(जो कि नीचे की ओर झुक रहे हैं) कमज़ोरी का संकेत है। ऐसे में आने वाले दिनों में इंडेक्स नीचे की ओर टूट सकता है।
2 अप्रैल को ट्रिपल डाइवर्जेंस पैटर्न पूरा होने के बाद,निफ्टी में 10 प्रतिशत से ज़्यादा की तेजी देखने को मिली है। हालांकि,यह तेज़ी एक'मीन रिवर्जन'चाल लगती है, जिसमें इंडेक्स 100-डे EMA की ओर उछला है। 23,850 के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट ही बुल्स को वापस मैदान में ला सकता है। ऐसा होने पर 24,125 की ओर तेजी का एक और दौर शुरू हो सकता है। स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों में निवेश आना लगातार जारी है,जबकि लार्ज-कैप शेयरों से पैसा बाहर निकल रहा है। यह बात Nifty के मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्स की तुलना में कमज़ोर प्रदर्शन से साफ ज़ाहिर होती है।
जहां तक डेरिवेटिव्स सेगमेंट में पोजीशनिंग की बात है तो बाजार में ऑप्शंस चेन में शॉर्ट पोजीशन बनाते हुए दिखे है, क्योंकि बाजार को ऑप्शंस की वोलैटिलिटी में गिरावट की उम्मीद थी।
अहम रेजिस्टेंस: 23,840, 23,980
अहम सपोर्ट: 23,580, 23,460
रणनीति: निफ्टी फ्यूचर्स को 23,600 के नीचे बेचें, 23,700 पर स्टॉप-लॉस रखें और 23,400 का लक्ष्य रखें।
बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति
आदित्य ठुकराल का कहना है कि बैंकिंग इंडेक्स में गिरावट का दौर जारी है,जिसकी पहचान'लोअर हाई'और 'लोअर लो'बनने से होती है। यह इंडेक्स सभी अहम'एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज'से नीचे बना हुआ है,जो खुद भी नीचे की ओर झुक रहे हैं। हालांकि,यह अपने पिछले'स्विंग लो'53,190 के पास स्थिर हो रहा है, लेकिन इसमें तेज़ी आने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं और यह इंडेक्स नए निचले स्तर बना सकता है।
ऐसे कोई खास संकेत नहीं हैं जिनसे लगे कि बुल्स फिर से बाजार पर कब्ज़ा कर सकते हैं। कीमतों में कोई भी सुधार होने पर उसे बेचने के मौके के तौर पर ही देखा जाएगा। ज़्यादातर प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर के बैंकिंग स्टॉक्स पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है,जबकि लेंडिंग सेक्टर में भी खरीदने वालों की दिलचस्पी कम ही दिख रही है। बैंकिंग इंडेक्स के डेरिवेटिव्स सेगमेंट में भी पोजीशनिंग बेयरिश रही,जिसमें लॉन्ग अनवाइंडिंग के साथ-साथ शॉर्ट बिल्ड-अप भी देखा गया।
अहम रेजिस्टेंस: 54,000, 54,450
अहम सपोर्ट: 53,300, 52,750
रणनीति: Bank Nifty Futures को 53,400 के नीचे बेचें, स्टॉप-लॉस 53,700 पर रखें और टारगेट 52,800 का रखें।
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