Share Market Fall: शेयर बाजार इन 5 कारणों से लगातार चौथे दिन लुढ़का, सेंसेक्स दिन के हाई से 800 अंक टूटा
Share Market Down: भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार 16 मार्च को दिखी शुरुआती तेजी ज्यादा देर टिक नहीं पाई। सेंसेक्स अपने दिन के हाई से 800 अंकों तक गिर गया। वहीं निफ्टी लुढ़ककर 23,000 के पास आ गया। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते निवेशकों का मनोबल कमजोर बना हुआ है
Share Market Down: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली बाजार पर दबाव बनाए हुई है
Share Market Down: भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार 16 मार्च को दिखी शुरुआती तेजी ज्यादा देर टिक नहीं पाई। सेंसेक्स अपने दिन के हाई से 800 अंकों तक गिर गया। वहीं निफ्टी लुढ़ककर 23,000 के पास आ गया। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते निवेशकों का मनोबल कमजोर बना हुआ है।
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 419.37 अंक या 0.54 प्रतिशत बढ़कर 74,983.29 तक पहुंच गया था। वहीं निफ्टी 133.55 अंक या 0.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,284.65 पर कारोबार कर रहा था। हालांकि शुरुआती तेजी के बाद बाजार में मुनाफावसूली शुरू हो गई और इंडेक्स तेजी से नीचे फिसल गए।
सुबह 11 बजे के करीब, सेंसेक्स 399.23 अंक या 0.54 प्रतिशत गिरकर 74,164.69 पर कारोबार कर रहा था, जो दिन के उच्च स्तर से करीब 800 अंक नीचे था। वहीं निफ्टी 129.75 अंक या 0.56 प्रतिशत गिरकर 23,021.35 के आसपास कारोबार करता दिखा।
शेयर बाजार में आज की इस गिरावट के पीछे 5 बड़े कारण रहे-
1. ग्लोबल बाजारों से कमजोर संकेत
एशियाई बाजारों में भी आज सोमवार को गिरावट का रुख देखने को मिला। साउथ कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और चीन का शंघाई SSE कंपोजिट इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं शुक्रवार को अमेरिकी बाजार भी कमजोरी के साथ बंद हुए थे, जिसका असर आज भारतीय बाजार पर देखने को मिला।
2. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रही है। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने करीब ₹10,716.64 करोड़ के शेयर बेच दिए> मार्च महीने में अब तक विदेशी निवेशक करीब 56,883 करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं, जिससे बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हुआ।
3. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग सोमवार को 1 प्रतिशत बढ़कर 104.2 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई। तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे क्रूड के बड़े खरीदार देश के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाता घाटा बढ़ सकता है।
4. मिडिल ईस्ट में तनाव
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बयानों और जवाबी हमलों से एनर्जी मार्केट में उथल-पुथल मची हुई है। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल जहाजों को लेकर चिंता बढ़ने से तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कम हुई है।
5. रुपये में कमजोरी
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में भी कमजोरी बनी हुई है। भारतीय रुपया सोमवार को 13 पैसे गिरकर 92.43 प्रति डॉलर के स्तर के आसपास पहुंच गया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण करेंसी पर दबाव बना हुआ है।
टेक्निकल चार्ट्स से क्या मिल रहे संकेत?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट, आनंद जेम्स के मुताबिक निफ्टी इस समय मार्च की शुरुआत से बने डाउनट्रेंड चैनल के निचले हिस्से के पास कारोबार कर रहा है। उनका कहना है कि अगर निफ्टी 23,000 के स्तर को बनाए रखने में सफल रहता है तो इसमें 23,600 से 23,990 के स्तर तक उछाल देखने को मिल सकता है। हालांकि अगर इंडेक्स 23,330 के ऊपर टिकने में असफल रहता है या सीधे 22,900 के नीचे फिसलता है तो गिरावट बढ़कर 22,000 के स्तर तक जा सकती है।
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