Share Market Rally: लगातार 2 दिनों से क्यों उछल रहा शेयर बाजार? जानें 5 बड़े कारण, सेंसेक्स 600 अंक तक उछला

Share Market Rally: भारतीय शेयर बाजार आज 15 जनवरी को लगातार दूसरे दिन तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 600 अंक तक उछल गया। वहीं निफ्टी भी बढ़कर 23,250 के पार पहुंच गया। यूटिलिटी, पावर, रियल्टी और आईटी शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। हालांकि फार्मा और ऑटो शेयरों में बिकवाली से यह तेजी सीमित रही। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार में इस तेजी के पीछे 5 प्रमुख कारण हैं-

अपडेटेड Jan 15, 2025 पर 3:42 PM
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Share Market Rally: ग्लोबल मार्केट्स में तेजी से भारतीय शेयर बाजार को सपोर्ट मिला

Share Market Rally: भारतीय शेयर बाजार आज 15 जनवरी को लगातार दूसरे दिन तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 600 अंक तक उछल गया। वहीं निफ्टी भी बढ़कर 23,250 के पार पहुंच गया। यूटिलिटी, पावर, रियल्टी और आईटी शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। हालांकि फार्मा और ऑटो शेयरों में बिकवाली से यह तेजी सीमित रही। वहीं ब्रॉडर मार्केट की बात करें, तो स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। वहीं मिडकैप शेयर भी मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में रहे। पिछले हफ्ते बाजार में दिखी भारी बिकवाली के बाद इस तेजी से निवेशकों को कुछ राहत मिली है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार में इस तेजी के पीछे 5 प्रमुख कारण हैं-

1. ओवरसोल्ड शेयरों ने खरीदारों को किया आकर्षित

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालिया गिरावट के चलते कई लार्ज कंपनियों के शेयर भी ओवरसोल्ड जोन में चले गए थे, जिसने खरीदारों का आकर्षित किया है। इसके चलते खासतौर से घरेलू निवेशकों की ओर से बाजार में खरीदारी बढ़ी है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट, आनंद जेम्स ने बताया, "कई दिनों तक चली गिरावट के बाद बुल्स ने एक बार फिर से मोर्चा संभाल लिया है। हालांकि यह तेजी कितनी टिकेगी, यह देखने वाली बात होगी।"


सिटी इंडिया के रिसर्च हेड सुरेंद्र गोयल ने कहा कि बड़ी कंपनियों के वैल्यूएशन 5 साल के औसत पर लौट आए हैं, जिससे ये मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की तुलना में निवेश के लिए बेहतर अवसर मुहैया करा रहे हैं।

2. ट्रंप टैरिफ में राहत

शेयर बाजार पिछले कुछ समय से ट्रंप टैरिफ को लगाकर परेशान था। हालांकि अब खबर आई है कि डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बनने के बाद एक बार में बड़ी बढ़ोतरी की जगह, चरणबद्ध तरीके से धीरे-धीरे टैरिफ में बढ़ोतरी को लागू कर सकते हैं। इससे महंगाई से जुड़े जोखिम कम हो जाएगा। साथ ही यह अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आगे की बढ़ोतरी को रोक सकता है। ग्लोबल स्तर पर शेयर बाजारों को इस खबर से राहत मिली है।

3. अच्छे तिमाही नतीजे

अभी तक जिन कंपनियों के दिसंबर तिमाही के नतीजे आए हैं, उनमें से अधिकतर बाजार के अनुमानों के मुताबिक रहा है। शॉपर्स स्टॉप के शेयर आज कारोबार के दौरान 8 फीसदी तक उछल गए। दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी के मुनाफे में 41.7 फीसदी का उछाल देखा गया है। इसी तरह HDFC AMC के शेयर भी आज तिमाही नतीजों के बाद 5% तक उछल गए। बनारस होटल्स के शेयरों में 14 फीसदी तक का उछाल आया। MRP एग्रो के शेयर में तो 5% का अपर सर्किट लगा।

अब निवेशकों की नजरें HDFC लाइफ, सिएट और L&T टेक सर्विसेज के नतीजों पर टिकी हैं, जिनके आज देर शाम तक आने का अनुमान है।

4. मजबूत ग्लोबल संकेत

ग्लोबल मार्केट्स में तेजी से भारतीय शेयर बाजार को सपोर्ट मिला। बुधवार को एशिया-प्रशांत इलाके के अधिकतर बाजारों में अधिकतर तेजी रही। पिछली रात वॉल स्ट्रीट में भी ऐसा ही ट्रेंड देखने को मिला। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.03% बढ़ा। जापान के निक्केई 225 में 0.38% की तेजी आई। वही साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.13% की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था।

5. टेक्निकल सपोर्ट

चॉइस ब्रोकिंग के डेरिवेटिव एनालिस्ट हार्दिक मटालिया ने कहा कि निफ्टी को ऊपर की ओर 23,300 पर तत्काल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। वहीं उसके बाद 23,400 और 23,500 स्तर रेजिस्टेंस के तौर पर काम करेगा। वहीं नीचे की ओर से निफ्टी को 23,100 पर सपोर्ट मिल सकता है, उसके बाद 23,000 और 22,800 पर।

निवेशकों को रहना चाहिए सतर्क?

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट, वी के विजयकुमार ने कहा कि अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शपथ ग्रहण नजदीक आ रहा है। ऐसे में ट्रंप के कदमों और शेयर बाजार पर उसके संभावित असर को लेकर स्पष्टता जल्द ही आने की उम्मीद है।

वहीं मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिटेल रिसर्च हेड, सिद्धार्थ खेमका ने कहा, "यह एक शार्ट-टर्म रैली है, जिससे निवेशकों को राहत मिली है। लेकिन कुल मिलाकर बाजार का सेंटीमेंट अभी भी कमजोर बना हुआ है। कमजोर ग्लोबल संकेत, रुपये में गिरावट, कंपनियों की अर्निंग में कम बढ़ोतरी और विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार निकासी सेंटीमेंट पर असर डाल रहे हैं। ऐसे में निवेशकों को अभी सतर्क रहना चाहिए।"

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