Share Market Rise: भारतीय शेयर बाजार में आज 17 मार्च को लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 700 अंकों से भी अधिक उछल गया। वहीं निफ्टी बढ़कर एक बार फिर 23,600 के पार पहुंच गया। ग्लोबल बाजारों से मजबूत संकेतों और निचले स्तरों पर खरीदारी के चलते बाजार में मजबूती बनी रही। निफ्टी के 16 में से 12 सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 567.99 अंक या 0.75% उछलकर 76,070.84 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 172.35 अंक या 0.74 फीसदी उछलकर 23,581.15 के स्तर पर बंद हुआ।
शेयर बाजारों में आज की इस तेजी के पीछे 4 बड़े कारण रहे-
1. वैल्यू बायिंग से मिला सहारा
शेयर बाजार में आज लगातार दूसरे दिन वैल्यू बायिंग यानी निचले स्तरों पर खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों ने हालिया गिरावट के बाद ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में खरीदारी की, जिससे बाजार को मजबूती मिली।
ग्लोबल बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। सुबह के काराबोर में एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225 करीब 0.4 प्रतिशत तक उछल गया। वहीं साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.4 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
अमेरिकी बाजार भी पिछली रात अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए थे। S&P 500 इंडेक्स में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही, जबकि नैस्डैक 1.2 प्रतिशत तक चढ़ गया। टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।
शेयर बाजार के निवेशकों में मौजूद घबराहट का संकेत देने वाला वोलैटिलिटी इंडेक्स, इंडिया VIX करीब 6 प्रतिशत गिरकर 20.32 के स्तर पर आ गया। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों के बीच अनिश्चितता कुछ कम हुई है और जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है।
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में हल्की मजबूती भी बाजार के लिए पॉजिटिव रही। रुपया 92.39 प्रति डॉलर पर खुला, जो पिछले बंद स्तर 92.42 के मुकाबले थोड़ा मजबूत है। डॉलर में हल्की कमजोरी से विदेशी निवेशकों के सेंटीमेंट में भी सुधार देखने को मिला।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार की आगे की दिशा कई प्रमुख कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें कच्चे तेल की कीमतों का रुख, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों का निवेश व्यवहार अहम भूमिका निभाएगा। तकनीकी नजरिए से निफ्टी के लिए 23,500 से 23,600 का स्तर निकट अवधि में महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस माना जा रहा है। अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकता है तो बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है, जबकि इसके नीचे फिसलने पर फिर से दबाव बन सकता है।
डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।