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Sensex-Nifty पर लगाएं दांव या शेयरों में! बॉटम में यहां दिख रहा एक्सपर्ट को मौका, करेक्शन के बाद दो सेक्टर्स दिख रहे शानदार

Share Market Strategy: ईरान-अमेरिका के बीच जंग के चलते दुनिया भर के स्टॉक मार्केट में हाहाकार मचा है। घरेलू मार्केट में अधिकतर स्टॉक्स में बड़ा करेक्शन तो आ ही चुका है, निफ्टी भी फिलहाल अपने रिकॉर्ड हाई से 13% से अधिक नीचे है। ऐसे में इंडेक्स लेवल पर दांव लगाना सही है या स्टॉक्स में निचले स्तर पर खरीदारी करना सही रहेगा, जानिए क्या कहना है एक्सपर्ट का

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Mar 29, 2026 पर 10:52 AM
Sensex-Nifty पर लगाएं दांव या शेयरों में! बॉटम में यहां दिख रहा एक्सपर्ट को मौका, करेक्शन के बाद दो सेक्टर्स दिख रहे शानदार
मौजूदा परिस्थितियों में पैसे लगाने को लेकर एक्सपर्ट का कहना है कि इंडेक्स की बजाय स्टॉक्स पर फोकस करना चाहिए। (File Photo- Pexels)

Share Market Strategy: अगर आपके पास कैश पड़ा और काफी नीचे आ चुके मार्केट में अब मौका देखते हुए एंट्री की सोच रहे हैं तो थोड़ा संभलकर। मनीकंट्रोल के साथ एक इंटरव्यू में असित सी मेहता इंवेस्टमेंट इंटरमीडिएट्स के प्रमुख (इंस्टीट्यूशनल रिसर्च) सिद्धार्थ भामरे का कहना है कि इंडेक्स लेवल पर फिलहाल “बॉटम फिशिंग” यानी निचले स्तर पर भारी खरीदारी से बचना चाहिए, लेकिन कुछ खास सेक्टर में पैसे लगा सकते हैं। उनका मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में गैस डिस्ट्रीब्यूशन और इंफ्रा कंपनियो में पैसे लगाने का शानदार मौका है। सिद्धार्थ के मुताबिक पश्चिमी एशिया में माहौल शांत होने पर इन सेक्टर्स में कम ही समय में रेवेन्यू अपने शुरुआती लेवल पर आ जाएगी।

Iran-US War कब तक और मार्केट पर कितना असर?

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही लड़ाई को लेकर सिद्धार्थ का कहना है कि इसके जल्द थमने के आसार फिलहाल तो नहीं दिख रहे हैं लेकिन इस पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। इस युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही पर असर पड़ा है और अगर अप्रैल में भी ऐसी स्थिति बनी रहती है तो सिद्धार्थ का मानना है कि कच्चे तेल के भाव ऊपर बने रहे सकते हैं।

इस उथल-पुथल के चलते सिद्धार्थ का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 में कमाई के अनुमानों में कटौती हो सकती है लेकिन कितनी होगी, यह इस पर निर्भर करेगा कि तेल की कीमतें कब प्रति बैरल $75 से नीचे आती हैं। एनर्जी की कमी से मैन्युफैक्चरिंग और कंजंप्शन पर असर पड़ेगा जिससे सर्विस सेक्टर को भी झटका लग सकता है।

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