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Share Markets: 2025 में कैश और डेरिवेटिव्स दोनों सेगमेंट में घटा वॉल्यूम, क्या शेयर मार्केट से निवेशकों का मोहभंग हो रहा?

एनएसई और बीएसई का कैश मार्केट में औसत रोजाना कंबाइंड टर्नओवर इस साल अब तक 1.08 लाख करोड़ रुपये रहा। यह 2024 के 1.28 लाख करोड़ रुपये से 15.77 फीसदी कम है। इस साल डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में भी तेज गिरावट देखने को मिली

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Dec 25, 2025 पर 5:22 PM
Share Markets: 2025 में कैश और डेरिवेटिव्स दोनों सेगमेंट में घटा वॉल्यूम, क्या शेयर मार्केट से निवेशकों का मोहभंग हो रहा?
2025 में अब तक सेंसेक्स और निफ्टी में से दोनों में करीब 10-10 फीसदी की तेजी आई है। लेकिन, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा है।

इक्विटी कैश मार्केट के सालाना टर्नओवर में तीन सालों में सबसे बड़ी गिरावट आई है। बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के पार्टिसिपेशन में कमी इसकी वजह हो सकती है। बीएसई और एनएसई में इस साल डेरिवेटिव्स के वॉल्यूम में भी गिरावट देखने को मिली है। एनएसई और बीएसई का कैश मार्केट में औसत रोजाना कंबाइंड टर्नओवर इस साल अब तक 1.08 लाख करोड़ रुपये रहा। यह 2024 के 1.28 लाख करोड़ रुपये से 15.77 फीसदी कम है।

2022 के बाद कैश मार्केट टर्नओवर में सबसे बड़ी गिरावट

स्टॉक एक्सचेंजों के डेटा के मुताबिक, 2022 के बाद यह कैश मार्केट के टर्नओवर में सबसे बड़ी गिरावट है। इस साल डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में भी तेज गिरावट देखने को मिली। एनएसई और बीएसई का कंबाइंड डेरिवेटिव्स वॉल्यूम 2013 के बाद पहली बार गिरा है। डेरिवेटिव्स वॉल्यूम में 16.7 गिरावट की वजह रेगुलेटर के सख्त नियम हो सकते हैं। एक्सचेंज के डेटा के मुताबिक, 2025 में कंबाइंड फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस टर्नओवर साल दर साल आधार पर 17.7 फीसदी गिरकर 387.95 लाख करोड़ रुपये रहा।

इस साल प्राइमरी मार्केट में एक्टिविटी ज्यादा रही

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