शेयर बाजार में 8 अप्रैल को आई तेजी अगले दिन जारी नहीं रह सकी। 9 अप्रैल को बाजार कमजोर खुले। उसके बाद बिकवाली दबाव बढ़ता गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार की दिक्कत अभी खत्म नहीं हुई। बाजार पर पश्चिम एशिया में चल रही लड़ाई का असर पड़ता रहेगा। हालांकि, 8 अप्रैल को आई तेजी का पॉजिटिव असर बाजार के सेंटिमेंट पर पड़ा है। इसमें क्रूड ऑयल की कीमतों में आई गिरावट का बड़ा हाथ है।
