शीला फोम (Sheela Foam) ने सोमवार 17 जुलाई को अपनी प्रतिद्वंदी कंपनी कुर्लऑन एंटरप्राइजेज (Kurlon Enterprises) को खरीदने का आधिकारिक ऐलान किया है। साथ ही कंपनी ने 300 करोड़ रुपये में रेंट पर फर्नीचर देने वाली कंपनी फर्लेंको (Furlenco) में 35 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का भी ऐलान किया। फर्लेंको को हाउस ऑफ किराया लिमिटेड (House of Kieraya Ltd) के नाम से भी जाना जाता है। कंपनी ने शेयर बाजारों को भेजी एक सूचना में बताया कि वह 2,150 करोड़ रुपये के वैल्यूएशन पर Kurlon Enterprises के 94.66 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर रही है। इस ट्रांजैक्शन के बदले शीला फोम को कंपनी के कुल 3.46 करोड़ इक्विटी शेयर के मिलेंगे। यह अधिग्रहण 30 नवंबर 2023 को या उससे पहले पूरा होने की उम्मीद है।
कुर्लोन की स्थापना 1962 में हुई थी और यह मुख्य रूप से 'बैठो और सोओ' कैटेरगी में फोम और कॉयर आधारित घरेलू उत्पादों को बनाने और उनके मार्केटिंग के कारोबार में है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2020 में 996 करोड़ रुपये, FY21 में 767 करोड़ रुपये और FY22 में 809 करोड़ रुपये का का कारोबार दर्ज किया था।
शीला फोम ने कहा, कुर्लोन के अधिग्रहण से "गद्दे और फोम-आधारित उत्पादों के मौजूदा खंडित बाजार को मजबूत करने में मदद मिलेगी।" शीला फोम के प्रमुख ब्रांडों में स्लीपवेल (Sleepwell) के गद्दे, फेदर फोम (Feather Foam) और लैमीफ्लेक्स (Lamiflex) शामिल हैं।
कंपनी ने शेयर बाजारों को भेजी एक सूचना में बताया कि इस अधिग्रहण से "ग्राहक आधार में विविधता लाने" में भी मदद मिलेगी। कंपनी ने कहा कि शीला फोम की उत्तरी और पश्चिमी भारत में मजबूत उपस्थिति है, जबकि कुर्लोन की देश के दक्षिणी और पूर्वी क्षेत्रों में मजबूत उपस्थित है। इसमें कहा गया है, "इस अधिग्रहण से कंपनी को पूरे भारत में अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।"
इसके साथ ही शीला फोम ने यह भी कहा कि वह "31 अगस्त, 2023" तक फर्लेंको (Furlenco)में नियंत्रण हिस्सेदारी हासिल कर लेगी। कंपनी ने कहा कि "कंपनी ने 300 करोड़ रुपये के निवेश के साथ कंपनी की कुल इक्विटी कैपिटल का 35 प्रतिशत हासिल करने का फैसला किया है"। इस बीच शीला फोम के शेयर सोमवार को एनएसई पर 5.77 फीसदी की तेजी के साथ 1,186.00 रुपये के भाव पर बंद हुए।