हफ्ते के पहले दिन (29 जुलाई) को प्रमुख सूचकांकों में काफी उतारचढ़ाव रहा, क्योंकि बुल्स और बेयर्स दोनों ही अनिश्चय की स्थिति में दिखे। बुल्स को लिक्विडिटी का सपोर्ट है, लेकिन उन्हें पता है कि ज्यादातर मामलों में वैल्यूएशन ऐसे लेवल पर पहुंच गया है, जहां मार्जिन को लेकर पर्याप्त सुरक्षा नहीं दिख रही। उधर, बेयर्स जानते हैं कि ज्यादातर स्टॉक्स पर दांव लगाने के मौके हैं, लेकिन उन्हें स्ट्रॉन्ग लिक्विडिटी का डर सता रहा है। ऐसे में मार्केट में अभी गतिरोध की स्थिति है। ऐसे में बाजार की नजरें अमेरिकी फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ जापान और बैंक ऑफ इंग्लैंड के फैसलों (मॉनेटरी पॉलिसी) पर हैं।
