इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजों का सीजन करीब खत्म हो गया है। अर्निंग्स के मामले में कंपनियों को आगे थोड़ी दिक्कत आ सकती है। लेकिन, उम्मीद की एक किरण दिख रही है। आरबीआई के नए बुलेटिन से इसके संकेत मिले हैं। प्राइवेट सेक्टर का पूंजी खर्च बढ़ रहा है। सरकार को पिछले दो साल से प्राइवेट सेक्टर का पूंजीगत खर्च बढ़ने का इंतजार था। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कई बार प्राइवेट सेक्टर से निवेश बढ़ाने की गुजारिश की थी। प्राइवेट कंपनियों के निवेश शुरू करने से ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।
