भारत के समुद्री उत्पाद निर्यातक अब अमेरिका को 35,000 से 40,000 टन झींगा भेजने की तैयारी कर रहे हैं। यह फैसला तब आया जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रस्तावित 26% रेसिप्रोकल टैरिफ को फिलहाल रोकते हुए उसे घटाकर 10% कर दिया। इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों ने सोमवार (14 अप्रैल) को समाचार एजेंसी पीटीआई को यह जानकारी दी।
झींगा उद्योग को बड़ी राहत मिली
सीफूड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सेक्रेटरी जनरल के एन राघवन ने बताया, “रेसिप्रोकल टैरिफ पर रोक बड़ी राहत है क्योंकि हम अमेरिका के अन्य निर्यातकों के समान स्तर पर आ गए हैं। जो शिपमेंट पहले रोके गए थे, उन्हें अब प्रोसेस किया जा रहा है।”
2,000 कंटेनरों में भरे झींगे के शिपमेंट जो पहले रोक दिए गए थे, उन्हें अब अमेरिका भेजने की तैयारी की जा रही है। यह बदलाव ट्रंप के 9 अप्रैल के फैसले के बाद आया, जिसमें उन्होंने 2 अप्रैल को घोषित 26% शुल्क को 90 दिनों के लिए रोक दिया।
अब भी 17.7% प्रभावी ड्यूटी लागू
फिलहाल, भारतीय झींगे पर अमेरिका में कुल 17.7% कस्टम ड्यूटी लगती है, जिसमें 5.7% काउंटरवेलिंग ड्यूटी और 1.8% एंटी-डंपिंग ड्यूटी शामिल है।
इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, भारतीय निर्यातक आमतौर पर डिलीवरी ड्यूटी-पेड (DDP) व्यवस्था के तहत माल भेजते हैं, यानी टैक्स का बोझ निर्यातक खुद उठाते हैं। अगर टैरिफ 26% हो जाता, तो पहले से तय डील्स पर भारी आर्थिक असर पड़ता।
एक उद्योग प्रतिनिधि ने बताया, 'ये 90 दिनों की राहत निर्यातकों को बिना अतिरिक्त लागत के ऑर्डर पूरा करने का मौका देती है।' संघ ने कहा कि अमेरिका से ऑर्डर में कोई गिरावट नहीं आई है। अमेरिका, वॉल्यूम और वैल्यू दोनों के हिसाब से, भारत का सबसे बड़ा झींगा बाजार बना हुआ है। 2023-24 में भारत ने अमेरिका को करीब 2.7 बिलियन डॉलर के झींगे का निर्यात किया।
राघवन ने सरकार से आग्रह किया कि जब तक यह अस्थायी राहत चल रही है, भारत को आगामी व्यापार वार्ताओं में एक 'लेवल प्लेइंग फील्ड' सुनिश्चित करने की कोशिश करनी चाहिए।
जब ट्रंप ने 2 अप्रैल को रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान किया था, तो झींगा कारोबार से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई थी। अवंती फीड्स (Avanti Feeds) और एपेक्स फ्रोजन फूड्स (Apex Frozen Foods) के शेयर 17% तक गिर गए थे।
कोस्टल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Coastal Corporation Ltd.), देवी सीफूड्स (Devi Seafoods), सैंडू एक्वा प्रोडक्ट्स (Sandu Aqua Products), मार्वेल एक्वा (Marvel Aqua) और मैपल एक्वा (Maple Aqua) जैसे कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट आई थी, जो अमेरिका को झींगा निर्यात करती हैं या झींगा प्रोसेसिंग से जुड़ी हैं। अब अमेरिका को झींगा निर्यात दोबारा शुरू होने के बाद इन कंपनियों के शेयरों में भी एक्शन दिख सकता है।