सीमेंस (Siemens) ने शानदार नतीजे पेश किए हैं। साथ ही, कंपनी ने एनर्जी कारोबार को अलग करने की घोषणा की है। कंपनी के बोर्ड ने एनर्जी कारोबार के डीमर्जर को मंजूरी दे दी है। डीमर्जर के बाद सीमेंस इंडिया एनर्जी (Siemens Energy India) नाम की एक अलग कंपनी बनेगी। यह एक एनर्जी कंपनी होगी। Siemens Energy India की अलग से लिस्टिंग होगी। इसके लिए तय डीमर्जर योजना के तहत सीमेंस के 1 शेयर पर एनर्जी कंपनी का 1 शेयर मिलेगा। ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि डीमर्जर से वैल्यू अनलॉकिंग होगी। यह डीमर्जर 2025 तक पूरा हो सकता है।
ब्रोकरेज रिपोर्ट पर बात करने को पहले आइए सीमेंस के नतीजों पर एक नजर डाल लेते हैं। सीमेंस ने मंगलवार, 14 मई को अपने चालू वित्तीय वर्ष के दूसरी तिमाही (Q2SY24) के नतीजे पेश किए हैं। इस अवधि में कंपनी का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग फर्म सीमेंस अक्टूबर-सितंबर वित्त वर्ष का अनुपालन करती है। इस अवधि में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 70.1 फीसदी की बढ़त के साथ 471.4 करोड़ रुपए के मुकाबले 802.5 करोड़ रुपए पर रहा है। वहीं, आय सालाना आधार पर 18.4 फीसदी बढ़कर 4,857.8 करोड़ रुपए के मुकाबले 5,749.9 करोड़ रुपए पर रही है।
दूसरी तिमाही में कंपनी की EBITDA सालाना आधार पर 621.2 करोड़ रुपए से बढ़कर 878.2 करोड़ रुपए पर और EBITDA मार्जिन 12.80 फीसदी से बढ़कर 15.3 फीसदी पर रहा है। कंपनी के बोर्ड ने क्षमता विस्तार के लिए 519 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी दे दी है। कंपनी की गोवा और औरंगाबाद यूनिट में क्षमता विस्तार की योजना है।
नए ऑर्डर में सालाना आधार पर 9% की गिरावट
दूसरी तिमाही में कंपनी नए ऑर्डर 5696 करोड़ रुपए से गिरकर 5184 करोड़ रुपए पर रहे हैं। नए ऑर्डर में 25455 करोड़ रुपए का लोकोमोटिव ऑर्डर शामिल नहीं है। कुछ बड़े ऑर्डर टले हैं। इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन प्रोडक्ट्स ऑर्डर में कमी आई है।
सीमेंस पर जेफरीज ने 'BUY' कॉल देते हुए शेयर का टारगेट 5575 रुपए से बढ़ाकर 8000 रुपए कर दिया है। जेफरीज का कहना है कि पावर और रेलवे सेगमेंट से ग्रोथ बढ़ेगी। पावर डिविजन के डीमर्जर से वैल्यूएशन बढ़ेगा। पावर ट्रांसमिशन कैपेस ग्रोथ के लिए अहम है। अच्छे डिमांड के चलते ऊंचे मार्जिन का लक्ष्य बरकरार है। सीमेंस का फोकस विस्तार पर बना हुआ है। कंपनी पावर ट्रांसमिशन क्षमता दोगुना करने पर काम कर रही है। कंपनी गोवा में स्मार्ट इंफ्रा बिजनेस और स्विचगियर यूनिट का विस्तार करेगी।
INCRED ने सीमेंस पर 'Add' कॉल देते हुए टारगेट बढ़ा कर 7,565 रुपए कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि दूसरी तिमाही का एबिटडा अनुमान से बेहतर रहा है। EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 249 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 15.3 फीसदी पर रहा है। कंपनी के एनर्जी कारोबार को 1:1 के अनुपात में अलग किया जाएगा और एक अलग लिस्टेड कंपनी बनेगी। एनर्जी बिज़नेस डिमर्जर CY25 तक पूरा होने की संभावना है। इससे कंपनी में वैल्यू अनलॉकिंग होगी।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।