पिछला हफ्ता भारतीय बाजारों के लिए ऐतिहासिक रहा। Nifty50 ने शुक्रवार को 15733.60 अंक का रिकॉर्ड हाई छुआ हालांकि सेंसेक्स में अपने उच्च स्तर 52,516 से करीब 1 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है।
पिछला हफ्ता भारतीय बाजारों के लिए ऐतिहासिक रहा। Nifty50 ने शुक्रवार को 15733.60 अंक का रिकॉर्ड हाई छुआ हालांकि सेंसेक्स में अपने उच्च स्तर 52,516 से करीब 1 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है।
macro data का असर प्राइस एक्शन पर देखने को मिला। शेयर बाजार में Q4 GDP data, PMI data के जारी होने और RBI के MPC घोषणा के बाद जोरदार ऐक्शन देखने को मिला। वहीं कोरोना वायरस के घटते मामलों के कारण भी बाजार को बूस्ट मिला।
4 जून का समाप्त पिछले कारोबारी हफ्ते के दौरान S&P BSE Sensex में 1.3 प्रतिशत की रैली देखने को मिली जबकि Nifty50 में 1.5 प्रतिशत की बढ़त रही लेकिन small & midcap indices में बड़ा ऐक्शन देखने को मिला जिसमें हर एक इंडेक्स में 3 प्रतिशत से ज्याद की रैली नजर आई।
4 जून का समाप्त पिछले कारोबारी हफ्ते के दौरान S&P BSE Midcap index में 3.9 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला जबकि S&P BSE Smallcap index में 3.3 प्रतिशत की तेजी रही।
Sharekhan के गौरव रत्नपारखी ने कहा कि Small & midcap space में मार्च और अप्रैल के दौरान ही मजबूती नजर आई थी। उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ हफ्तों से ब्रॉडर मार्केट में मजबूत रैली देखने को मिली जिसको विभिन्न टेक्निकल पैरामीटर्स पर सपोर्ट भी मिला है। स्ट्रक्चर देखें तो ये इंडेक्स ऊपर की तरफ बढ़ती हुई वेव बना रहे हैं जिसका मतलब है कि अभी बाजार में रैली बनी रहेगी।
सेक्टरोल नजरिया (Sectoral Outlook)
साप्ताहिक आधार पर realty, energy, consumer durables और oil & gas खरीदारी नजर आई जबकि आईटी और प्राइवेट बैंकों ने सुस्त प्रदर्शन किया।
S&P BSE Realty index में एक हफ्ते में 6.6 प्रतिशत का उछाल दिखाई दिया जिसमें Mahindra Lifespace Developers और Oberoi Realty में नया हाई देखने को मिला। कैबिनेट द्वारा 2 जून को Model Tenancy Act को मंजूरी मिलने से भी इस सेक्टर में रैली रही।
Samco Securities की निराली शाह ने कहा कि बुल पार्टी में रियल्टी सेक्टर देर से शामिल हुआ लेकिन मजबूती से शामिल हुआ। इस सेक्टर को कम ब्याज दरों, लिक्विडिटी और वाजिब दरों की वजह से चौथी तिमाही में हुई जोरदार बिक्री से भी मजबूती मिली। उन्होंने आगे कहा कि इससे real estate sector में निवेश करने के लिए रिटेल इन्वेस्टर्स में आत्मविश्वास बढ़ेगा।
तकनीकी नजरिया (Technical Outlook)
Nifty50 index पिछले कारोबारी हफ्ते में 15,670 के स्तर पर बंद हुआ और लगातार मजबूती वाले तीसरे हफ्ते के लिए वीकली चार्ट पर एक बुलिश कैंडल बनाया है।
आने वाले हफ्ते में वैश्विक रुझानों का बाजार पर असर पड़ेगा। वहीं घरेलू फ्रंट पर 11 जून को जारी होने वाले अप्रैल महीने के manufacturing और industrial production data ऐसे प्रमुख आर्थिक डेटा होंगे जिन पर नजर रखनी होगी।
एक्सपर्ट का कहना है कि कोविड के मामलों में कमी और वैक्सीनेशन में तेजी की वजह से और जब तक निफ्टी 15400 का महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है बाजार के रुझान ऊपर की तरफ ही होंगे।
Kotak Securities के श्रीकांत चौहान ने कहा कि तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए 15550 और 15400 के स्तर पर महत्वपूर्ण सपोर्ट होगा और इस बुल रन को रोकने के लिए 15800, 16000 और 16200 महत्वपूर्ण स्तर होंगे।
चौहान ने आगे कहा कि बाजार का बेसिक ट्रेंड बुलिश है लेकिन domestic flows (घरेलू पूंजी निवेश) न होने के कारण हमारे बाजार वैश्विक रुझानों का अनुसरण कर रहे हैं जो कि मिले-जुले रहेंगे और मुद्रास्फीति की गति संवेदनशील हो सकती है।
श्रीकांत चौहान ने कहा कि वैश्विक रुझान बाजार पर असर डाल सकते हैं और अगले कारोबारी हफ्ते के लिए निफ्टी में 15350 के फाइनल स्टॉपलॉस के साथ 15550/15450 के बीच गिरावट पर खरीदारी करने की रणनीति बनानी चाहिए। अगले हफ्ते बाजार में Auto, Insurance, Commodities और technology companies पर फोकस रखना चाहिए।
(डिस्क्लेमरः Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें। )
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