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छोटे-मझोले शेयरों पर बना दबाव, BSE500 के 15 स्टॉक्स 10-20% टूटे

बाजार दिग्गजों का कहना है कि जून F&O एक्सपायरी के पहले आने वाले हफ्ते में बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 20, 2021 पर 11:19 AM
छोटे-मझोले शेयरों पर बना दबाव, BSE500 के 15 स्टॉक्स 10-20% टूटे

18 जून को समाप्त हफ्ते में बाजार ने अपनी 4 हफ्तों की  लगातार तेजी खो दी और लाल निशान में बंद हुआ। पिछले हफ्ते सेसेंक्स में 0.25 फीसदी और निफ्टी ने 0.73 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।

छोटे-मझोले शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। पिछले हफ्ते के कुल  5 कारोबारी सत्रों में 3 कारोबारी सत्र ऐसे रहे जिसमें बाजार लाल निशान में बंद हुआ। इसकी सबसे अहम वजह कमजोर ग्लोबल संकेत रहे। हालांकि बेंचमार्क इंडेक्स अपने अहम मनोवैज्ञानिक स्तरों के ऊपर बंद रहने में कामयाब रहे जो तेजी के लिए पॉजिटीव संकेत है और यह बताता है कि निचले लेवल पर मजबूती बनी हुई है।

AceEquity के आंकड़ो से पता चलता है कि 18 जून को समाप्त हफ्ते में बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 3 फीसदी की  गिरावट देखने को मिली। वहीं स्म़ॉलकैप इंडेक्स में 1.8 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।

बीते हफ्ते में निवेशकों के करीब 4 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए। इस हफ्ते बीएसई में लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैप 11जून के 231.11 लाख करोड़ रुपये से घटकर 227.33 करोड़ रुपये पर आ गई।

बीते हफ्ते बीएसई 500 में शामिल 15 स्टॉक ऐसे रहे जिनमें 10-20 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। G, Tube Investment, Adani Green Energy, Graphite India, Adani Powerऔर  Adani Total Gasके नाम शामिल है।

बाजार जानकारों का कहना है कि छोटे-मझोले शेयरों में हालिया गिरावट को लेकर बहुत चिंतित होने की जरुरत नहीं है। क्योंकि अभी भी हम बुल मार्केट के दौर में बने हुए हैं।

एक्सिस सिक्योरिटीज के नवीन कुलकर्णी का कहना है कि छोटे-मझोले शेयरो में हमें करेक्शन देखने को मिला है। कमोडिटीज स्टॉक्स में भी गिरावट  के साथ अभी यह दौर कुछ और दिनों तक जारी रह सकता है लेकिन  छोटे-मझोले शेयरों की यह गिरावट बहुत लंबे समय तक नहीं चलेगी और हेल्दी करेक्शन के बाद  एक बार फिर जोश में आते दिखेगी।

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