इस साल बढ़त के मामले में छोटे स्टॉक बड़े ब्लू-चिप शेयरों के मुकाबले पीछे रह गए। एनालिस्ट्स ने 2025 में स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स के खराब प्रदर्शन का कारण 2023 और 2024 में उनके असाधारण प्रदर्शन के बाद मार्केट का नॉर्मल होना बताया। दो सालों की मजबूत रैली के बाद हाई वैल्यूएशन के कारण छोटे शेयरों में प्रॉफिट-बुकिंग हुई। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि रुपये के कमजोर होने, अमेरिका-भारत के बीच ट्रेड पर बातचीत को लेकर चिंता और विदेशी फंड के लगातार बाहर जाने से भी ब्रॉडर मार्केट में तेज रिस्क-ऑफ रिएक्शन हुआ।
