सॉफ्टबैंक विजन फंड्स (SVF) को सितंबर छमाही में निवेश पर 386 करोड़ डॉलर (32.1 हजार करोड़ रुपये) का तगड़ा घाटा हुआ है। इसमें सब्सिडियरीज में दांव से हुआ मुनाफा शामिल नहीं है। SVF को जो इतना तगड़ा घाटा हुआ है, वह इस कारण हुआ है कि इसके पोर्टफोलियो की लिस्टेड कंपनियों के शेयर गिर गए हैं। इसके अलावा जो पोर्टफोलियो में जो प्राइवेट कंपनियां हैं, उनके फेयर वैल्यू में गिरावट के चलते इसे इतना तगड़ा घाटा हुआ है। वहीं सेगमेंट लेवल पर बात करें तो निवेश पर इसे 120 करोड़ डॉलर का मुनाफा हुआ है जिसमें सॉफ्टबैंक की इकाई और बाकी सब्सिडियरीज में निवेश से मुनाफा शामिल है।
फंड 1 मुनाफे में तो फंड 2 घाटे में
जापानी टेक निवेशक के मुताबिक इसे चिप कंपनी आर्म (Arm) के हालिया IPO के जरिए 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 512 करोड़ डॉलर की कमाई हुई है। हालांकि इसके बावजूद सॉफ्टबैंक ग्रुप के कंसालिडेटेड प्रॉफिट-लॉस स्टेटमेंट में इस मुनाफे को नहीं दिखाया गया है क्योंकि आर्म अभी भी इसकी सब्सिडियरी बनी हुई है। लेकिन फाइनेशियल पोजिशन के कंसालिडेटेड स्टेटमेंट में इसे 465 करोड़ डॉलर के कैपिटल सरप्लस के तौर पर जरूर दिखाया गया है। इसे पोर्टफोलियो कंपनियों के निवेश की बिक्री से भी 197 करोड़ डॉलर मिले हैं और अलीबाबा शेयरों का इस्तेमाल कर इसने प्रीपेड फारवर्ड कांट्रैक्ट्स के जरिए 439 करोड़ डॉलर जुटाए। सितंबर छमाही के दौरान सॉफ्टबैंक विजन फंड्स के ग्रॉस परफॉरमेंस की बात करें तो शुरूआत से लेकर विजन फंड 1 के लिए 1480 डॉलर का गेन और विजन फंड 2 के लिए 2070 करोड़ का घाटा रहा।
सालाना आधार पर सुधरी स्थिति लेकिन तिमाही आधार पर बिगड़ी
SVF को निवेश पर सितंबर तिमाही में 370 करोड़ डॉलर का घाटा हुआ। हालांकि सालाना आधार पर यह आंकड़ा बेहतर हुआ है क्योंकि पिछले साल की समान अवधि में इसे 950 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। वहीं दूसरी तरफ सितंबर 2023 तिमाही में घाटे के आंकड़े तिमाही आधार पर निराशा करने वाले हैं क्योंकि जून तिमाही में इसे 8.6 करोड़ डॉलर का ही घाटा हुआ था।