दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार 7 जुलाई को एक बार फिर क्रैश कर गया। पिछले कुछ हफ्तों में कई बार दक्षिण कोरिया के बाजार में बड़ी गिरावट आई है। सुबह में दक्षिण कोरिया के बाजार का प्रमुख सूचकांक कोस्पी कमजोर खुला। उसके बाद उस पर बड़ा दबाव देखने को मिला। भारतीय समय के मुताबिक, 10:45 बजे कोस्पी 8.03 फीसदी गिरकर 7,404 अंक पर चल रहा था। जापान सहित दूसरे एशियाई बाजारों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली।
इन दो कंपनियों के शेयरों ने बाजार पर बनाया दबाव
दक्षिण कोरिया के बाजार के क्रैश करने की सबसे बड़ी वजह चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट है। Samsung Electronics और SK Hynix के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। इन दोनों शेयरों का प्रमुख सूचकांक में 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है। Samsung Electronics का शेयर 9.75 फीसदी तक गिर गया। SK Hynix का शेयर 10.58 फीसदी नीचे चल रहा था।
Hyundai Motor का शेयर भी 8% क्रैश
अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में आर्टफिशिल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के शेयरों में पिछले एक-दो सालों में जबर्दस्त तेजी दिखी थी। दक्षिण कोरिया का बाजार ने इस साल दुनिया में सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने बताया है कि उसके तिमाही नतीजें उम्मीद से बेहतर रह सकते हैं। इसके बाद शेयरों में मुनाफावसूली शुरू हो गई। इसका असर शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक पर पड़ा। फिर ट्रेडिंग पांच मिनट के लिए रोक दी गई। लेकिन, इसका कोई फायदा नहीं दिखा। Hyundai Motor के शेयर भी 8 फीसदी तक क्रैश कर गतए। Hanwha Aerospace 6.56 फीसदी फिसला।
विदेशी और संस्थागत निवेशकों की बड़ी बिकवाली
दक्षिण कोरिया के बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने काफी ज्यादा बिकवाली की। उन्होंने 1.74 लाख करोड़ वोन मूल्य के शेयर बेच दिए। दूसरे संस्थागत निवेशकों ने भी बड़ी बिकवाली की। हालांकि, रिटेल इनवेस्टर्स ने खरीदारी की। विदेशी निवेशकों ने दक्षिण कोरिया में आर्टफिशियल इंटेलिजेंस कपनियों के शेयरों में पिछले 1-2 साल में बड़ी खरीदारी की। इससे बाजार में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली थी। लेकिन, अब एआई शेयरों को लेकर सेंटिमेंट थोड़ा बदला है। इसका असर बाजार पर दिखा है।
इन एशियाई बाजारों में भी बड़ी गिरावट
दूसरे एशियाई बाजारों में भी 7 जुलाई को बड़ी गिरावट दिखी। जापान का निक्केई 2.33 फीसदी गिर गया। हैंगसेंग के शेयर में भी 0.68 फीसदी की कमजोरी दिखी। ताइवान के शेयर बाजारों में भी दबाव देखने को मिला। चीन का शंघाई कंपोजिट 1.36 फीसदी नीचे चल रहा था। इधर, भारत के शेयर बाजारों में लगातार पांचवें दिन तेजी देखने को मिली। बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स हरे निशान में थे।