Space Stocks: रॉकेट बने अंतरिक्ष-क्षेत्र की कंपनियों के शेयर, सरकार ने 100% तक FDI को दी मंजूरी

Space Stocks: अंतरिक्ष-क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के शेयरों में आज 22 फरवरी को जबरदस्त उछाल देखा गया। यह उछाल सरकार की ओर से अंतरिक्ष-क्षेत्र की FDI (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) नीति में बदलाव के बाद आया है। सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े कई सेक्टर्स में ऑटोमेटिक रूप से 100 फीसदी FDI की मंजूरी दी है

अपडेटेड Feb 22, 2024 पर 3:14 PM
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MTAR Technologies का स्टॉक 6% बढ़कर 2,018.95 रुपये पर कारोबार कर रहा था

Space Stocks: अंतरिक्ष-क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के शेयरों में आज 22 फरवरी को जबरदस्त उछाल देखा गया। यह उछाल सरकार की ओर से अंतरिक्ष-क्षेत्र की FDI (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) नीति में बदलाव के बाद आया है। सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े कई सेक्टर्स में ऑटोमेटिक रूप से 100 फीसदी FDI की मंजूरी दी है। इसमें सैटेलाइट्स के कंपोनेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग, सिस्टम्स एंड सब-सिस्टम्स से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं।

MTAR टेक्नोलॉजीज और डेटा पैटर्न्स इंडिया (Data patterns India) के शेयरों में करीब 6 प्रतिशत की तेजी आई। जबकि अपोलो माइक्रो सिस्टम्स (Apollo Micro Systems), आजाद इंजीनियरिंग (Azad Engineering), पारस डिफेंस (Paras Defence), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) और एलएंडटी (L&T) जैसे शेयरों में 1 से 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

MTAR Technologies का स्टॉक दोपहर 1:43 बजे के करीब 6 प्रतिशत बढ़कर 2,018.95 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जबकि डेटा पैटर्न (इंडिया) 5.86 प्रतिशत बढ़कर 2,181.15 रुपये पर था। इनमें से अधिकतर कंपनियों के शेयरों में चंद्रयान-3 की सफल मून लैंडिंग से जुड़े होने के चलते पिछले छह महीनों में अच्छी तेजी दर्ज की गई है।


सिंगापुर सरकार ने फरवरी में बल्क डील के जरिए डेटा पैटर्न्स इंडिया में 578 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी हासिल की। पिछले महीने डेटा पैटर्न इंडिया के शेयरों ने 16 प्रतिशत से अधिक की छलांग लगाई थी।

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इसके अलावा, सरकार ने लॉन्च व्हीकल, उससे जुड़े सिस्टम्स या सब-सिस्टम्स, अंतरिक्ष यान को लॉन्च करने और रिसीव करने के लिए जरूरी स्पेसपोर्ट बनाने के लिए ऑटोमेटिक रूट में 49 प्रतिशत तक FDI की अनुमति दी है। वहीं सैटेलाइट को बनाने और ऑपरेट करने, सैटेलाइट डेटा उत्पाद और ग्राउंड सेगमेंट और यूजर्स सेगमेंट के लिए ऑटोमेटिक रूट से 74 प्रतिशत तक एफडीआई की अनुमति है।

सरकार ने एक बयान में कहा, “NGEs(गैर-सरकारी संस्थाएं) ने सैटेलाइट और व्हीकल लॉन्च के क्षेत्र में क्षमताएं और विशेषज्ञता विकसित कर ली है। बढ़े हुए निवेश के साथ, वे अपने उत्पादों को बेहतर बना सकेंगे। साथ ही ग्लोबल पैमाने पर ऑपरेट करने और ग्लोबल अंतरिक्ष इकोनॉमी में बढ़ी हुई हिस्सेदारी हासिल करने में सक्षम होंगे।”

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