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Speciality Medicines IPO Listing: फ्लैट एंट्री के बाद ऊपर चढ़ा ₹124 का शेयर, देश-विदेश में फैला है कंपनी का कारोबार

Speciality Medicines IPO Listing: स्पेशलिटी मेडिसिन्स खाई जाने वाली और इंजेक्ट की जाने वाली महंगी दवाईयों की मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था। आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हुए हैं। नई एंट्री से पहले चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Mar 30, 2026 पर 3:46 PM
Speciality Medicines IPO Listing: फ्लैट एंट्री के बाद ऊपर चढ़ा ₹124 का शेयर, देश-विदेश में फैला है कंपनी का कारोबार
Speciality Medicines IPO Listing: स्पेशलिटी मेडिसिन्स का ₹29 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 20-24 मार्च तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है।

Speciality Medicines IPO Listing: स्पेशलिटी मेडिसिन्स के शेयरों की आज बीएसई एसएमई पर फ्लैट एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹124 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹124.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। लिस्टिंग के बाद शेयरों ने ऊपर चढ़ने की कोशिश की। उछलकर यह ₹129.50 (Speciality Medicines Share Price) पर पहुंचा।

हालांकि मुनाफावसूली के चलते भाव थोड़े नरम पड़े। दिन के आखिरी में यह ₹125.80 पर बंद हुआ है यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 1.45% मुनाफे में हैं।

Speciality Medicines IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

स्पेशलिटी मेडिसिन्स का ₹29 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 20-24 मार्च तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 2.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 96.24 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.88 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.85 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 23.50 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹12.68 करोड़ आरएंडडी सेंटर बनाने, ₹2.99 करोड़ विदेशी बाजारों में प्रोडक्ट्स के रजिस्ट्रेशन और विदेशी बाजारों में बिक्री के लिए प्रोडक्ट डेवलपमेंट, ₹1.66 करोड़ मार्केटिंग और प्रमोशन, ₹8.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

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