SpiceJet share Price: भारतीय एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट (SpiceJet) के शेयरों में गुरुवार 28 जुलाई को दिन के कारोबार के दौरान बीएसई पर करीब 10 फीसदी की भारी गिरावट आई। इस गिरावट के साथ स्पाइसजेट के शेयरों की कीमत इंट्राडे में 34.60 रुपये पर पहुंच गई, जो इसका पिछले 2 सालों को निचला स्तर है। यह गिरावट एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए (DGCA) की एक कार्रवाई के बाद आई है, जिसके तहत उसने स्पाइसजेट की 50 फीसदी उड़ानों पर अगले 8 हफ्तों तक के लिए रोक लगा दी है।
स्पाइसजेट के शेयरों ने पिछले साल 24 नवंबर 2021 को 87.25 रुपये का स्तर छुआ था, जो इसका पिछले 52 हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर है। इस स्तर से स्पाइसजेट केशेयरों में अब तक करीब 60 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। दोपहर करीब ढाई बजे, खबर लिखे जाने के समय स्पाइसजेट के शेयर बीएसई पर 5 फीसदी की गिरावट के साथ 36.40 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।
DGCA ने बुधवार 27 जुलाई को स्पाइस जेट (SpiceJet) पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके फ्लाइट ऑपरेशन को अगले 8 हफ्तों के लिए 50% तक कम कर दिया। DGCA ने यह कार्रवाई स्पाइसजेट की कई उड़ानों में हाल ही में तकनीकी खामियों की शिकायत आने के बाद की थी।
DGCA ने अपने आदेश में कहा, "विभिन्न जगहों पर स्पॉट चेकिंग, जांच और स्पाइसजेट की तरफ से कारण बताओ नोटिक का दिए गए जवाब को ध्यान में रखते हुए, एक सुरक्षित और विश्वसनीय हवाई उड़ान सेवा को जारी रखने के लिए, स्पाइसजेट की गर्मियों के सीजन के लिए मंजूर उड़ानों की संख्या अगले 8 हफ्तों के लिए 50 फीसदी पर सीमित की जाती है।"
स्पाइसजेट की उड़ानों में 19 जून से 6 जुलाई के बीच तकनीकी गड़बड़ी के कम से कम 8 मामले सामने आए थे। इसके बाद डीजीसीए ने बीते 6 जुलाई को स्पाइसजेट को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था। DGCA ने स्पाइसजेट को कारण बताओ नोटिस जारी करते समय कहा था कि 'एयरक्राफ्ट रूल्स 1937' के तहत एक सुरक्षित, कुशल और विश्वसनीय हवाई सेवा को सुनिश्चत करने में नाकाम रही है। रेगुलेटर ने स्पाइसजेट के जिम्मेदार मैनेजर को तीन सप्ताह के अंदर कारण बताने को कहा है कि आखिर उस पर कार्रवाई क्यों न की जाए।
स्पाइसजेट ने हाल ही में कहा कि था कि DGCA ने उसके 10 विमानों में कुछ खामियों की पहचान की थी, जिसे ठीक कर लिया गया है और ये सभी 10 विमान वापस फ्लाइट ऑपरेशंस में शामिल हो गए हैं।