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Stock Crash: 20% के लोअर सर्किट पर Zaggle Prepaid, आया IPO प्राइस के नीचे

Stock Crash: करीब तीन साल पहले 1% डिस्काउंट पर लिस्ट होने के बाद जैगल प्रीपेड ने रिकवरी शुरू की और जल्द ही निवेशकों का पैसा तीन गुना से अधिक बढ़ा दिया था। हालांकि अब जून तिमाही में मार्जिन में गिरावट पर शेयर टूटकर 20% के लोअर सर्किट पर आ गए और आईपीओ निवेशकों का पोर्टफोलियो लाल हो गया। जानिए कंपनी के मार्जिन को झटका क्यों और अब तक इसके शेयरों की चाल कैसी रही

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Aug 17, 2026 पर 12:36 PM
Stock Crash: 20% के लोअर सर्किट पर Zaggle Prepaid, आया IPO प्राइस के नीचे
जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर Zaggle Prepaid का रेवेन्यू 27.5% बढ़कर ₹423 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन इस दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 33% गिरकर ₹17.5 करोड़ पर आ गया।

Stock Crash: खर्चों से जुड़े मैनेजमेंट की सर्विसेज मुहैया कराने वाली जैगल प्रीपेड ओशन सर्विसेज के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। करीब तीन साल पहले लिस्ट हुई इस कंपनी के शेयर टूटकर आईपीओ प्राइस के नीचे आ गए। जून तिमाही में नेट प्रॉफिट और ईबीआईटीडीए मार्जिन में गिरावट से शेयरों को ऐसा झटका लगा कि यह टूटकर 20% के लोअर सर्किट पर आ गया यानी मार्केट में कोई खरीदार नहीं रहा। फिलहाल बीएसई पर यह 20% के लोअर सर्किट ₹160.45 (Zaggle Prepaid Share Price) पर है। इसके ₹563 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹164 के भाव पर शेयर जारी हुए थे।

Zaggle Prepaid के लिए कैसी रही जून तिमाही

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जैगल प्रीपेड का रेवेन्यू 27.5% बढ़कर ₹423 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन इस दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 33% गिरकर ₹17.5 करोड़ पर आ गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कारोबारी नतीजे ने निराश किया और ईबीआईटीडीए ₹31 करोड़ पर स्थिर रहा तो ईबीआईटीडीए मार्जिन 9.2% से घटकर 7.3% पर आ गया। कंपनी का कहना है कि ग्रीनऐज (Greenedge) के शानदार प्रदर्शन और जून तिमाही में ओवरराइडिंग कमीशन के चलते प्रोपेल (Propel) के मार्जिन में सुधार हुआ। इसके अलावा रेवेन्यू के मुकाबले इंसेंटिव और कैशबैक का खर्च लगभग 66.3% रहा, जो मार्च 2026 तिमाही के 69% से बेहतर है।

हालांकि ईबीआईटीडी मार्जिन को डाइस (Dice) के अधिग्रहण से जुड़े खर्च जैसे कि ट्रांजैक्शन कॉस्ट, वेंडर को एक बार किए गए पेमेंट और 100 से अधिक प्रोफेशनल्स के रिलोकेशन के खर्च से झटका लगा। कंपनी का कहना है कि डाइस कॉन्ट्रैक्ट से होने वाली कमाई को जून 2026 तिमाही में नहीं दिखाया गया और उम्मीद है कि यह सितंबर 2026 तिमाही से दिखना शुरू हो जाएगी। इसके अलावा मार्जिन पर उन खर्चों का भी असर पड़ा जिन्हें पहले कैपिटलाइज किया गया था लेकिन उन्हें अब प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में दिखाया गया। साथ ही एंप्लॉयीज की सैलरी में बढ़ोतरी और जैगडॉटमनी (Zagg.Money) के अधिग्रहण के बाद एंप्लॉयीज और अन्य चीजों पर हुए अतिरिक्त खर्च का भी असर पड़ा।

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