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Stock market: FII की बिक्री, बजट 2023 और ग्रोथ से जुड़ी चिंता बाजार पर बना रहे दबाव, सेंसेक्स 800 अंक टूटा

Stock market: आज के कारोबार में सभी सेक्टरों के इंडेक्स लाल निशान में दिख रहे हैं। इनमें भी फाइनेंशियल शेयरों को सबसे ज्यादा मार पड़ी है। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 3.7 फीसदी से ज्यादा टूट गया है। वहीं, बैंक निफ्टी 2.3 फीसदी से ज्यादा टूटा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 25, 2023 पर 2:50 PM
Stock market: FII की बिक्री, बजट 2023 और ग्रोथ से जुड़ी चिंता बाजार पर बना रहे दबाव, सेंसेक्स 800 अंक टूटा
FII की तरफ से हो रही लगातार बिक्री, बजट 2023 और ग्रोथ से जुड़ी चिंता बाजार पर दबाव बना रहे हैं। शार्ट टर्म में Union Budget 2023 बाजार के लिए एक बड़ा इवेंट होगा

Stock market:कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय इक्विटी मार्केट आज गिरावट के साथ खुले थे। कारोबारी दिन के आगे बढ़ने के साथ ही बाजार की गिरावट भी बढ़ती गई। इंट्राडे में सेंसेक्स 800 अंक तक टूट गया। फिलहाल 2 बजे के आसपास सेंसेक्स 653.15 अंक यानी 1.07 फीसदी की गिरावट के साथ 60325.60 के स्तर पर दिख रहा था। वहीं, निफ्टी 195.35 अंक यानी 1.08 फीसदी की गिरावट के साथ 17922.95 के आसपास दिख रहा था। करीब 752 में बढ़त देखने को मिल रही थी। वहीं,2350 शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही थी। जबकि 111शेयरों की चाल सपाट दिख रही थी।

आज के कारोबार में सभी सेक्टरों के इंडेक्स लाल निशान में दिख रहे हैं। इनमें भी फाइनेंशियल शेयरों को सबसे ज्यादा मार पड़ी है। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 3.7 फीसदी से ज्यादा टूट गया है। वहीं, बैंक निफ्टी 2.3 फीसदी से ज्यादा टूटा है। Adani Ports, SBI, IndusInd Bank, HDFC Bank और Adani Enterprises निफ्टी के टॉप लूजर रहे हैं।

बाजार पर कहां से आ रहा है दबाव

FII की तरफ से हो रही लगातार बिक्री, बजट 2023 और ग्रोथ से जुड़ी चिंता बाजार पर दबाव बना रहे हैं। शार्ट टर्म में Union Budget 2023 बाजार के लिए एक बड़ा इवेंट होगा। ट्रेडर्स इसके लिए अपनी पोजीशन दुरुस्त करते दिख रहे हैं। अल्केमी कैपिटल के शेषाद्री सेन का कहना है कि मौजूदा सिस्टम की जटिलता को देखते हुए कैपिटलगेन टैक्स (सीजीटी) में कुछ सरलीकरण की जरूरत है। हालांकि, अगर इक्विटी सीजीएसटी की प्रभावी दर में कोई बढ़त होती है तो इसका बाजार निगेटिव असर देखने को मिलेगा। विदेशी ब्रोकरेज मॉर्गन स्टेनली को उम्मीद है कि वित्तीय घाटा वित्त वर्ष 2023 के 6.4 फीसदी के मुकाबले वित्त वर्ष 24 में सकल घरेलू उत्पाद का 5.9 फीसदी होगा।

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