भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार, 25 सितंबर को तेजी ने फिर दस्तक दी। सेंसेक्स ने शुरुआत लाल निशान में की लेकिन कुछ ही देर में रुख बदल गया। कारोबार खत्म होने पर यह 315.20 अंकों की वृद्धि के साथ 73,895.74 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट में खुला लेकिन फिर 77.40 अंकों की बढ़त के साथ 23,140.50 पर बंद हुआ। दिन में सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 387.51 अंक तक चढ़कर 73,968.05 के हाई और निफ्टी पिछली क्लोजिंग से 99.6 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 23,162.70 के हाई तक गया।
लेकिन इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 40,487 करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। गुरुवार, 24 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,82,29,486.029 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,81,88,998.45 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 40,487.579 करोड़ रुपये की कमी।
एक दिन पहले कैसी रही थी बाजार की चाल
एक दिन पहले सेंसेक्स 1,247.71 अंक या 1.67 प्रतिशत गिरकर 3 महीने से अधिक के निचले स्तर 73,580.54 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,264.33 अंक फिसलकर 73,563.92 के लो तक चला गया था। निफ्टी 383.70 अंक या 1.64 प्रतिशत गिरकर 23,063.10 पर बंद हुआ था। यह 5 महीने से अधिक का निचला स्तर है। भारी बिकवाली की वजह रही कि तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंताएं फिर से बढ़ा दीं और इंश्योरेंस कमीशन पर प्रस्तावित कैप (सीमा) का असर फाइनेंशियल शेयरों पर पड़ा।
हालांकि शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड 1.2 प्रतिशत गिरकर 105.3 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।
शुक्रवार को भारतीय करेंसी रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 19 पैसे बढ़कर 95.80 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 26 पैसे टूटकर 95.99 पर बंद हुआ था। कारोबारियों का कहना है कि मुद्रा बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को थामने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हस्तक्षेप कर सकता है। घरेलू आयातकों, विशेषकर तेल कंपनियों की ओर से डॉलर की लगातार मांग, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के चलते डॉलर सूचकांक में व्यापक मजबूती घरेलू मुद्रा पर दबाव बना रही है।
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