Stock Market News: मार्च 2023 तिमाही में स्टॉक मार्केट लगभग फ्लैट रहा। हालांकि अगर शेयरहोल्डिंग की बात करें तो 18 कंपनियां ऐसी रहीं जिसमें प्रमोटर्स, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने तगड़ी हिस्सेदारी बढ़ाई। प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के मुताबिक मार्केट कैप के आधार पर सबसे अधिक बजाज होल्डिंग्स एंड इनवेस्टमेंट (Bajaj Holdings & Investment), श्रीराम फाइनेंस (Shriram Finance) और दीपक नाइट्राइट (Deepak Nitrite) में प्रमोटर्स, एफआईआई और डीआईआई ने हिस्सेदारी बढ़ाई। वहीं मार्च तिमाही इस लिहाज से भी खास रही है कि पहली बार खुदरा, हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स और डीआईआई की हिस्सेदारी एनएसई पर लिस्टेड कंपनियों में 25 फीसदी के पार पहुंच गई। वहीं डीआईआई और एफआईआई की हिस्सेदारी मिलाकर रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई।
सबसे अधिक इन कंपनियों में बढ़ाई हिस्सेदारी
प्राइस डेटाबेस के आंकड़ों के मुताबिक मार्च तिमाही में प्रमोटर्स, एफआईआई और डीआईआई ने मार्केट कैप के हिसाब से सबसे अधिक बजाज होल्डिंग्स एंड इनवेस्टमेंट, श्रीराम फाइनेंस, दीपक नाइट्राइट, नाटको फार्मा, एनसीसी, ईक्लर्क्स सर्विसेज, जिंदल सॉ, अनंत राज, हिकल, धानुका एग्रीटेक, जय कॉरपोरेशन, पीएसपी प्रोजेक्ट्स, आईओएल केमिकल्स एंड फार्मा, बॉर्बीक्यू-नेशन हॉस्पिटैलिटी, कॉस्मो फर्स्ट, आरपीजी लाइफ साइंसेज, पिक्स ट्रांसमिशन्स और लिंक में हिस्सेदारी बढ़ाई। इन निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ने से संकेत मिल रहे हैं कि इन कंपनियों की ग्रोथ अच्छी हो सकती है।
FII और DII की हिस्सेदारी रिकॉर्ड लेवल पर
अब एनएसई पर लिस्टेड कंपनियों में खुदरा और हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI) निवेशकों के साथ-साथ डीआआई के हिस्सेदारी की बात करें तो मार्च तिमाही में यह रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया। दिसंबर तिमाही में यह 24.44 फीसदी पर था जो अगली ही तिमाही में उछलकर 25.72 फीसदी के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया। प्राइम डेटाबेस ग्रुप के एमडी प्रणव हल्दिया के मुताबिक लगातार छठी तिमाही इनकी हिस्सेदारी बढ़ी है और पहली बार इनकी हिस्सेदारी 25 फीसदी से पार पहुंच गई। डीआईआई ने मार्च तिमाही में इन कंपनियों में 83200 करोड़ रुपये का निवेश किया। इसके अलावा डीआईआई और एफआईआई की कुल हिस्सेदारी की बात करें तो मार्च तिमाही में यह तिमाही आधार पर पर 35.56 फीसदी से उछलकर 36.91 फीसदी पर पहुंच गई जो रिकॉर्ड हाई लेवल है।
खुदरा निवेशकों की भी बढ़ी हिस्सेदारी
अब इन कंपनियों में खुदरा निवेशकों यानी 2 लाख रुपये से कम पैसे लगाने वाले निवेशकों की बात करें तो जनवरी-मार्च 2023 में इनकी हिस्सेदारी तिमाही आधार पर 7.23 फीसदी से बढ़कर 7.48 फीसदी पर पहुंच गया। हालांकि दूसरी तरफ एचएनआई यानी 2 लाख रुपये से अधिक पैसे लगाने वाले निवेशकों की हिस्सेदारी तिमाही आधार पर 1.89 फीसदी से गिरकर 1.88 फीसदी पर आ गया। खुदरा और एचएनआई की ओवरऑल हिस्सेदारी इस अवधि में 9.12 फीसदी से बढ़कर 9.36 फीसदी पर पहुंच गई।