Stock Market: शेयर बाजार में कल बड़ी गिरावट के संकेत; गिफ्ट निफ्टी 600 अंक टूटा, विदेशी बाजारों में भी हाहाकार
Stock Market: होली की छुट्टी के बाद बुधवार 4 मार्च को भी भारतीय शेयर बाजार के लाल निशान में खुलने के संकेत मिल रहे हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया भर के शेयर बाजारों में तेज बिकवाली देखी जा रही है, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ने की आशंका है। आज मंगलवार 3 मार्च को भारतीय शेयर बाजार होली के कारण बंद रहे थे
Stock Market: दोपहर 2:30 बजे के करीब, गिफ्ट निफ्टी 593.5 अंक या 2.37% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था
Stock Market: होली की छुट्टी के बाद बुधवार 4 मार्च को भी भारतीय शेयर बाजार के लाल निशान में खुलने के संकेत मिल रहे हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया भर के शेयर बाजारों में तेज बिकवाली देखी जा रही है, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ने की आशंका है। आज मंगलवार 3 मार्च को भारतीय शेयर बाजार होली के कारण बंद रहे थे।
Gift Nifty में भारी गिरावट
संकेतक के तौर पर देखे जाने वाले गिफ्ट निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज की गई है। ईरान में जारी युद्ध के चौथे दिन हालात और बिगड़ने से भारत की एनर्जी सप्लाई पर असर को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। इससे महंगाई और इनपुट कॉस्ट बढ़ने की आशंका भी गहरा गई है।
दोपहर 2:30 बजे के करीब, गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स 24,399 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो 593.5 अंक या 2.37 प्रतिशत की गिरावट दिखाता है। यह शेयर मार्केट के लिए नेगेटिव शुरुआत का संकेत है।
कच्चे तेल में उछाल, वैश्विक बाजारों में ‘रिस्क-ऑफ’ रुख
अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ऑयल और नैचुरल गैसों की सप्लाई बाधित होने की आशंका और महंगाई के बढ़ते दबाव ने ग्लोबल निवेशकों को जोखिम से दूर रहने के लिए प्रेरित किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को उम्मीद से बेहतर बताया और इसे व्यापक अभियान के रूप में उचित ठहराया, जिससे भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ गया।
ताजा घटनाक्रम में ईरान ने रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला तेज किया और पूरी दुनिया के तेल और गैस की सप्लाई के अहम समुद्री मार्ग, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद करने की धमकी दी। इसके बाद ब्रेंट क्रूड का भाव 7 प्रतिशत से अधिक उछलकर 80 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया।
एशियाई बाजारों में भारी गिरावट
एशिया में साउथ कोरिया का कॉस्पी इंडेक्स 7.2 प्रतिशत तक टूट गया, जो अगस्त 2024 के बाद की इसकी सबसे बड़ी गिरावट थी। सोमवार की छुट्टी के बाद खुले कोरिया शेयर बाजार में निवेशकों की ओर से आक्रामक बिकवाली देखने को मिली। चिप बनाने वाली कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK हाइनिक्स के शेयरों में लगभग 9.9 प्रतिशत की गिरावट आई।
जापान का निक्केई 225 इंडेक्स भी 3 प्रतिशत से अधिक गिर गया। हांगकांग का हैंग सेंगइंडेक्स 1 प्रतिशत से ज्यादा फिसला। वहीं शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स भी 1 प्रतिशत से अधिक टूट गया।
यूरोप और वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स भी दबाव में
यूरोपीय बाजारों में भी कमजोरी रही। दोपहर 2:30 बजे (भारतीय समयानुसार) Stoxx Europe 600 इंडेक्स 2.5 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था। वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में भी 2 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई, जिससे अमेरिकी बाजारों में भी कमजोर शुरुआत के संकेत मिले।
पहले ही दबाव में थे घरेलू सूचकांक
इससे पहले सोमवार को भी भारतीय बाजारों में तेज गिरावट दिखी था। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 2,743.46 अंक या 3.37 प्रतिशत टूटकर 78,543.73 तक लुढ़क गया था। बाद में कुछ रिकवरी के बावजूद यह 1,048.34 अंक या 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,238.85 पर बंद हुआ।
निफ्टी भी दिन के दौरान 575.15 अंक या 2.28 प्रतिशत गिरकर 24,603.50 तक पहुंच गया था। अंत में यह 312.95 अंक या 1.24 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,865.70 पर बंद हुआ।
आगे क्या?
विश्लेषकों का कहना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं और मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है, तो भारतीय बाजारों पर दबाव जारी रह सकता है। एनर्जी की ऊंची कीमतें कंपनियों के मार्जिन पर असर डाल सकती हैं और महंगाई की चिंता को बढ़ा सकती हैं।
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