Get App

Stock Market today : शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ़्टी की चाल सपाट,जानिए निफ्टी और बैंक निफ्टी में कमाई की रणनीति

Stock Market today : सोमवार की सुबह के सत्र में BSE Sensex और NSE Nifty भले ही लगभग सपाट स्तर पर कारोबार कर रहे हैं, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते बाजार का रुख सतर्क बना हुआ है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Mar 16, 2026 पर 10:01 AM
Stock Market today : शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ़्टी की चाल सपाट,जानिए निफ्टी और बैंक निफ्टी में कमाई की रणनीति
Market Cues : सीएनबीसी -आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि अब लेवल को थोड़ा अलग तरह से देखने की जरूरत है। अब 60 मिनट और डेली चार्ट की अहमियत काफी कम हो गई है

Stock Market today : पिछले हफ़्ते की तेज़ बिकवाली के बाद आज सोमवार 16 मार्च को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क की शुरुआत धीमी रही है। सेंसेक्स और निफ़्टी में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की तरफ से लगातार हो रही बिकवाली और मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते बाज़ार का रुख सतर्क बना हुआ है। सुबह 09:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 77 अंक या 0.1फीसदी की बढ़त के साथ 74,641 पर और निफ़्टी 35 अंक बढ़कर 23,186 पर दिख रहा था। मार्केट ब्रेथ भी कमजोर है, जहां NSE पर 938 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 1,836 शेयरों में गिरावट दिख रही है।

पिछली ट्रेडिंग सत्र में भारी गिरावट के बाद,बाज़ार में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली रही है। 13 मार्च को,सेंसेक्स 1,470 अंक गिर गया था। जबकि निफ्टी में 488 अंकों की गिरावट आई थी। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं थी जिससे सभी सेक्टरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली आई थी।

वैश्विक संकेत भी मिले-जुले हैं। शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाज़ार गिरावट के साथ बंद हुए थे। डाओ जोन्स 119 अंक नीचे बंद हुआ था। जबकि S&P 500 और नैस्डैक में 0.6 प्रतिशत और 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई थी। एशियाई बाज़ारों में भी सतर्कता का रुख दिख रहा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट VK विजयकुमार का कहना है कि चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण बाज़ार में अनिश्चितता है। ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर के आसपास होने से तेजड़िए डिफेंसिव मोड में हैं। FII की लगातार बिकवाली और रुपये में कमज़ोरी बाज़ार की कमज़ोरी में योगदान दे रही है। ऐसे में निकट भविष्य में निवेशकों के सतर्क रहने की संभावना है। बाज़ार को इस बात की आशंका है कि लंबे समय तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बने रहने पर भारत की GDP ग्रोथ और कॉर्पोरेट अर्निंग पर खरब असर पड़ सकता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें