Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर
Market Today : FIIs ने 21 अप्रैल को लगातार दूसरे सेशन में अपनी बिकवाली जारी रखी और करीब 2,000 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके उलट, DIIs ने बाज़ार को सहारा दिया और 2,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे
Stock market news : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ संघर्ष-विराम की अवधि बढ़ाए जाने और शांति वार्ता के एक नए दौर की योजना विफल हो जाने के बाद सोने की गिरावट रुक गई है
Market news : भारतीय इक्विटी बेंचमार्क,BSE सेंसेक्स और Nifty 22 अप्रैल को कमजोर शुरुआत कर सकते हैं। इसकी वजह GIFT Nifty से मिल रहे निगेटिव संकेत हैं,जो लगभग 24,400 के स्तर पर गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
मार्केट ओवरव्यू
21 अप्रैल को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। सभी सेक्टरों में बड़े पैमाने पर हुई खरीदारी से इन्हें सहारा मिला। साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के दूसरे दौर की खबरों से चल रहे संघर्ष के समाधान की उम्मीदें भी बढ़ीं। बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 753.03 अंक या 0.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 79,273.33 पर और निफ्टी 211.75 अंक या 0.87 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,576.60 पर बंद हुआ।
गिफ्ट निफ्टी
सुबह 08:40 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 142 अंक यानी 0.58 फीसदी की गिरावट के साथ 24,434 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए खराब संकेत है।
एशियाई शेयर बाज़ारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रहा है। गिफ्ट निफ्टी 142 अंक यानी 0.58 फीसदी की गिरावट के साथ 24,434 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं,जापान के निक्केई में 0.47 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स 0.33 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। हैंग सेंग में 1.17 फीसदी की गिरावट है। वहीं, ताइवानी बाजार में 1.26 फीसदी की बढ़त दिख रही है। कोस्पी 0.18 फीसदी नीचे दिख रहा है। हालांकि,शांघाई कंपोजिट में 0.18 फीसदी की तेजी नजर आ रही है।
अमेरिकी बाजार
मंगलवार को US के शेयर बाज़ार गिरावट के साथ बंद हुए। शुरुआती बढ़त खत्म हो गई, क्योंकि मिडिल ईस्ट में युद्ध को लेकर नई चिंताओं ने कंपनियों की अच्छी कमाई को लेकर बनी शुरुआती उम्मीदों पर पानी फेर दिया। ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि अगर वॉशिंगटन दबाव और धमकियों की अपनी नीति छोड़ देता है तो ईरान पाकिस्तान में अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान ऐसी किसी भी बातचीत को खारिज करता है जिसका मकसद आत्मसमर्पण कराना हो।
डाओ जोन्स 293.18 अंक या 0.59% गिरकर 49,149.38 पर बंद हुआ। S&P 500 में 45.13 अंकों या 0.63% की गिरावट आई और यह 7,064.01 पर बंद हुआ। जबकि नैस्डैक 144.43 अंक या 0.59% गिरकर 24,259.96 पर आ गया।
डॉलर इंडेक्स
बुधवार को एशियाई बाज़ार में शुरुआती कारोबार में डॉलर स्थिर रहा,क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ संघर्ष-विराम को अनिश्चित काल तक बढ़ाने की घोषणा को लेकर बनी अनिश्चितता के चलते इस 'सेफ-हेवन' मुद्रा की मांग बढ़ गई,जिससे यह एक सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 98.33 पर दिख रहा है।
US बॉन्ड यील्ड
10-ईयर ट्रेजरी यील्ड मामूली रूप से गिरकर 4.28% पर आ गई है। जबकि 2-ईयर ट्रेजरी पर यील्ड 1 बेसिस पॉइंट गिरकर 3.76% पर पहुंच गई है।
एशियन करेंसी
बुधवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई मुद्राएं मिले-जुले रुख के साथ ट्रेड कर रही थीं। मलेशियाई रिंगिट,ताइवान डॉलर,फिलीपींस पेसो,थाई बहत और चीन की रेनमिनबी गिरावट के साथ ट्रेड कर रही थीं। जबकि इंडोनेशियाई रुपिया,सिंगापुर डॉलर और दक्षिण कोरियाई वॉन बढ़त के साथ ट्रेड कर रही थीं।
कच्चे तेल में गिरावट
बुधवार को शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड और US वेस्ट टेक्सास क्रूड की कीमतें मामूली रूप से नीचे रहीं। WTI क्रूड में 0.13 फीसदी और ब्रेंट क्रूड में 0.17 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
सोने की चाल सपाट
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ संघर्ष-विराम की अवधि बढ़ाए जाने और शांति वार्ता के एक नए दौर की योजना विफल हो जाने के बाद सोने की गिरावट रुक गई है। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.39 फीसदी और सिल्वर में 1.05 फीसदी की बढ़त आई है।
FII और DII फंड फ्लो
FIIs ने 21 अप्रैल को लगातार दूसरे सेशन में अपनी बिकवाली जारी रखी और करीब 2,000 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके उलट, DIIs ने बाज़ार को सहारा दिया और 2,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।