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Stock Markets Budget 2026: निर्मला सीतारमण के इन उपायों से शेयर बाजार को लगेंगे पंख

Stock Markets Budget 2026: एक्सपर्ट्स का मानना है कि कैपिटल गेंस और सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) के नियमों को ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाने के ऐलान हो सकते हैं। एलटीसीटी, एसटीसीजी और एसटीटी के नियमों में भी बदलाव हो सकता है। इससे दुनिया के दूसरे उभरते बाजारों के मुकाबले भारत की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ेगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 30, 2026 पर 3:02 PM
Stock Markets Budget 2026: निर्मला सीतारमण के इन उपायों से शेयर बाजार को लगेंगे पंख
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेंगी।

साल 2025 में कई बड़ी डील देखने को मिलीं। जापान के एमयूएफजी बैंक ने श्रीराम फाइनेंस में 4.45 अरब डॉलर में हिस्सेदारी खरीदी। टाटा मोटर्स ने इटली की इवेको का 4.36 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया। एमिरेट्स एनबीडी ने 3 अरब डॉलर में आरबीएल बैंक में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी। आईटी कंपनी कोफोर्ज ने अमेरिकी कंपनी एनकोरा में 2.35 अरब डॉलर निवेश किया। सवाल है कि क्या 2026 में भी बड़ी डील्स का सिलसिला जारी रहेगा? यूनियन बजट 2026 से पहले मनीकंट्रोल ने कई एक्सपर्ट्स से यह सवाल पूछा और बजट से उनकी उम्मीदों के बारे में चर्चा की।

डीलिस्टिंग के नियम हो सकते हैं आसान

सिरिल अमरचंद मंगलदास के मैनेजिंग पार्टनर सिरिल श्रॉफ का मानना है कि शेयर बाजार से कंपनियों की डीलिस्टिंग के नियम आसान होने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में काफी ज्यादा कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं। प्रोसेस और प्राइसिंग के मामले में डीलिस्टिंग के नियम आसान होने चाहिए। यह पीएन3 के नियम में बदलाव करने का सही वक्त है। सरकार को पीएन3 को संवेदनशील सेक्टर्स और एक निश्चित वैल्यू की डील तक सीमित रखना चाहिए। बाकी सभी इनवेस्टमेंट सेक्टर से जुड़े एफडीआई के नियमों के तहत आने चाहिए।

एलटीसीजी, एसटीटी के रेट्स कम हो सकते हैं

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