Share Markets Clsosing: सेसेंक्स 999 अंक क्रैश, निफ्टी 275 अंक फिसला, इन 5 वजहों से बाजार में कोहराम
Share Markets Clsosing: लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद निफ्टी 23,900 के नीचे आ गया है। यह बाजार के कमजोर सेंटिमेंट का संकेत है। यह हफ्ता शेयर बाजार के लिए अच्छा नहीं रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में इस हफ्ते 2-2 फीसदी की गिरावट आई। इससे लगातार दो हफ्तों से जारी बाजार में तेजी पर ब्रेक लग गया
निफ्टी 50 के गिरने वाले शेयरों में Infosys, HCL Tech, TCS, Tech Mahindra और Sun Pharma शामिल रहे।
Share Markets Clsosing: शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन बड़ी गिरावट आई। बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में 24 अप्रैल को बड़ी गिरावट आई। सुबह में दोनों सूचकांक कमजोर खुले। फिर पूरे दिन बाजार पर दबाव बना रहा। खास बात यह कि छोटे-बड़े ज्यादातर शेयरों में गिरावट आई।
निफ्टी 23,900 के नीचे आना चिंता की बात
लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद निफ्टी 23,900 के नीचे आ गया है। यह बाजार के कमजोर सेंटिमेंट का संकेत है। यह हफ्ता शेयर बाजार के लिए अच्छा नहीं रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में इस हफ्ते 2-2 फीसदी की गिरावट आई। इससे लगातार दो हफ्तों से जारी बाजार में तेजी पर ब्रेक लग गया। खास बात यह है कि हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट आई। दोनों सूचकांक 1-1 फीसदी फिसल गए।
इंफोसिस के शेयरों में 7 फीसदी गिरावट
निफ्टी 50 के गिरने वाले शेयरों में Infosys, HCL Tech, TCS, Tech Mahindra और Sun Pharma शामिल रहे। सबसे ज्यादा गिरावट आईटी इंडेक्स में देखने को मिली। इसने बाजार पर दबाव बढ़ाया। इंफोसिस के कमजोर गाइडेंस का असर पूरे आईटी सेक्टर पर दिखा। खुद इंफोसिस का शेयर 7 फीसदी गिर गया। कारोबार खत्म होने पर यह 6.92 फीसदी टूटकर 1,154 रुपये पर था। यह जून 2023 के बाद शेयर का सबसे निचला स्तर है। हेल्थकेयर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी, टेलीकॉम, फार्मा और मीडिया सूचकांकों में 1-1 फीसदी की गिरावट आई।
क्रूड ऑयल का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों पर बढ़ेगा दबाव
बोनांजा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी ने कहा कि बाजार पर क्रूड में उछाल का असर पड़ा। ब्रेंट क्रूड बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इससे रुपये पर दबाव बढ़ने की आशंका है। साथ ही उन कंपनियों के लिए कॉस्ट बढ़ जाएगी जो क्रूड ऑयल का इस्तेमाल उत्पादन में करती हैं। आगे बाजार की चाल क्रूड की कीमतों, जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम और विदेशी फंडों के रुख पर निर्भर करेगा। जब तक क्रूड की कीमतों में नरमी नहीं आती है, बाजार पर दबाव बना रहेगा।
निफ्टी 20-डे EMA के नीचे फिसला
एसबीआई सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि टेक्निकल निफ्टी अपने 20-डे EMA से नीचे फिसल गया है। 13 अप्रैल को इस लेवल ने स्ट्रॉन्ग सपोर्ट का काम किया था। अब निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट 23,600-23,550 पर है। अगर निफ्टी इससे नीचे जाता है तो फिर यह 23,350 की तरफ बढ़ेगा। उसके बाद यह 23,150 की तरफ बढ़ सकता है। तेजी की स्थिति में 24,200-24,250 पर इसे रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा।
बाजार में 5 वजहों से 24 अप्रैल को कोहराम मचा:
अमेरिका-ईरान में बातचीत में देर
अमेरिका और ईरान के बीच इस हफ्ते दूसरे दौर की बातचीत शुरू होने की उम्मीद थी। लेकिन, अब तक इसकी संभावना नहीं दिख रही है। इसके उलट होर्मुज को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनातनी बढ़ गई है। अगर होर्मुज को लेकर दोनों में टेंशन बना रहता है तो इसका असर क्रूड की कीमतों पर पड़ेगा। भारत सहित दुनिया में पेट्रोल और डीजल की कमी पैदा हो सकती है। इससे बाजार में चिंता है।
क्रूड ऑयल में उछाल
मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई की वजह से एक समय क्रूड का भाव 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। उसके बाद यह गिरकर 100 डॉलर से नीचे आ गया था। एक बार फिर यह 100 डॉलर के पार चला गया है। यह भारत जैसे देश के लिए चिंता की बात है, जो क्रूड की अपनी 90 फीसदी जरूरत इंपोर्ट से पूरा करता है। अगर क्रूड हाई लेवल पर बना रहता है तो चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
विदेशी फंडों की बिकवाली
विदेशी फंड लगातार भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं। उन्होंने अप्रैल में बड़ी बिकवाली की है। इसकी वह क्रूड में उछाल और रुपये में कमजोरी है। विदेशी फंडों का ज्यादा निवेश लार्जकैप में है। इसलिए उनकी बिकवाली का ज्यादा असर सेंसेक्स और निफ्टी जैसे बड़े सूचकांकों पर दिखता है।
आईटी शेयरों पर दबाव
आईटी शेयरों पर बड़ा दबाव दिख रहा है। निफ्टी ने 23 अप्रैल को नतीजों का ऐलान किया। कंपनी ने जो गाइडेंस दिया है, उससे ऐसा लगता है कि इस वित्त वर्ष में डिमांड के मामले में स्थिति कमजोर बनी रहेगी। इसका असर 24 अप्रैल को दिगग्ज आईटी कंपनियों के शेयरों पर भी दिखा। इंफोसिस का शेयर तो 7 फीसदी तक क्रैश कर गया।
इंडिया वीआईएक्स में उछाल दिखा है। यह 6 फीसदी चढ़कर 19.7 पर पहुंच गया है। इसका मतलब है कि बाजार में घबराहट है। इंडिया वीआईएक्स का 15 से ऊपर होना बाजार के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। इससे यह संकेत मिलता है कि शॉर्ट टर्म में बाजार में अनिश्चितता जारी रहेगी।
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