एफआईआई के शॉर्ट्स मार्च 2023 के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गए हैं। एफआईआई की शॉर्ट पोजीशन 11 अगस्त को कारोबार की शुरुआत से पहले 92 फीसदी थी। उनके शॉर्ट्स कॉन्ट्रैक्ट 1.83 लाख थे। निफ्टी में पुट-कॉल रेशियो भी 1.06 से 0.66 पर आ गया है। इस लेवल से आम तौर पर मार्केट में तेजी देखने को मिलती है। निफ्टी का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 30 से नीचे हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि स्टॉक या इंडेक्स 'ओवरसोल्ड' है।
तेजी के लिए निफ्टी को 24,494 का लेवल तोड़ना होगा
8 अगस्त के सेशन में FIIs ने लॉन्ग कॉन्ट्रैक्ट्स 35,000 बढ़ाए। अब Nifty में तेजी के लिए 100-डे मूविंग एवरेज (DMA) सबसे अहम हो गया है। यह लेवल 24,494 का है। गिरावट की स्थिति में निफ्टी को 24,200 पर सपोर्ट मिलेगा। इस लेवल के टूटने के बाद अगला सपोर्ट 200-डे मूविंग एवरेज है। यह लेवल 24,043 है। इस हफ्ते मार्केट सिर्फ 4 दिन खुलेंगे।
2020 के बाद मार्केट में गिरावट का सबसे लंबा सिलसिला
मार्केट में लगातार छह हफ्ते गिरावट देखने को मिली है। यह बीते पांच सालों में गिरावट का सबसे लंबा सिलसिला है। इससे पहले 2020 में फरवरी और मार्च के बीच ऐसी गिरावट देखने को मिली थी। तब मार्केट लगातार 7 हफ्तों तक गिरा था। हालांकि, 11 अगस्त को हफ्ते के पहले दिन मार्केट की चाल में बदलाव दिखा।
11 अगस्त को स्टॉक मार्केट ने बदली चाल
11 अगस्त को मार्केट के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में खुले। उसके बाद अच्छी खरीदारी से सूचकाकों ने तेजी दिखाई। इससे सेंसेक्स 80,000 के मनोवैज्ञानिक लेवल के पार निकल गया। 10:30 बजे Sensex 255 यानी 0.32 फीसदी की मजबूती के साथ 80,106 प्वाइंट्स पर चल रहा था। निफ्टी भी 0.29 फीसदी यानी 70 अंक चढ़कर 24,433 पर चल रहा था।
NSDL के शेयरों में तूफानी तेजी
NSDL के शेयरों में 7.90 फीसदी तेजी दिखी। इसका प्राइस 1400 के पार चला गया। जून तिमाही के कमजोर नतीजों के बावजूद टाटा मोटर्स का स्टॉक 2.37 ऊपर था। एचबीएल इंजीनियरिंग का शेयर 14 फीसदी तक ऊपर चल रहा था। जेएसडब्ल्यू, बैंक ऑफ बड़ौदा और एसबीआई के शेयरों में भी तेजी दिखी। गिरने वाले शेयरों में LIC, ICICI Prudential और Haveells India प्रमुख रहे इनमें 1.5 फीसदी तक गिरावट दिखी।
लिस्टिंग के बाद 62 फीसदी चढ़ चुका है NSDL का स्टॉक
लिस्टिंग के बाद से एनएसडीएल के शेयरों में तेजी दिखी है। लिस्टिंग के बाद से यह स्टॉक 62 फीसदी चढ़ चुका है। इससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर 28,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी ने 4,011 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था। यह इश्यू 41 गुना सब्सक्राइब हुआ था। उधर, मण्णपुरम फाइनेंस के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी। शुरुआती कारोबार में स्टॉक 3 फीसदी तक गिर गया था। हालांकि, बाद में यह कुछ हद तक संभलने में कामयाब रहा।