Stock Markets: शेयर बाजार के लिए कैसा रहा FY26, किन शेयरों ने दिया धोखा, किसने किया मालामाल?

Stock Markets: वित्त वर्ष 2025-26 में Sensex ने 7 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया, जबकि Nifty ने 5 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया। करीब 5 साल बाद भारतीय शेयर बाजार ने निगेटिव रिटर्न दिया है। इससे पहले 2019-2020 में मार्केट ने निगेटिव रिटर्न दिया था। भारतीय शेयर बाजार के लिए मार्च का महीना काफी खराब रहा

अपडेटेड Mar 31, 2026 पर 12:31 PM
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इस वित्त वर्ष विदेशी फंडों ने भारतीय शेयर बाजार में बड़ी बिकवाली की।

Stock Markets: आज (31 मार्च) वित्त वर्ष 2025-26 का आखिरी दिन है। कल यानी 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष 2026-27 शुरू हो जाएगा। यह वित्त वर्ष शेयर बाजार के लिए अच्छा नहीं रहा। विदेशी फंडों ने भारतीय बाजार में बिकवाली की। वैल्यूएशंस को लेकर चिंता बनी रही। अंतिम तिमाही में पहले एंथ्रोपिक के नए एआई टूल्स से आईटी शेयरों में बड़ी बिकवाली आई। बाद में अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया। इससे बाजार का रिटर्न निगेटिव रहा।

सेंसेक्स-निफ्टी दोनों ने दिए निगेटिव रिटर्न

वित्त वर्ष 2025-26 में Sensex ने 7 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया, जबकि Nifty ने 5 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया। करीब 5 साल बाद भारतीय शेयर बाजार ने निगेटिव रिटर्न दिया है। इससे पहले 2019-2020 में मार्केट ने निगेटिव रिटर्न दिया था। भारतीय शेयर बाजार के लिए मार्च का महीना काफी खराब रहा। इस महीने सेंसेक्स 11.48 फीसदी, निफ्टी 11.14 फीसदी और बैंक निफ्टी में 15.95 फीसदी की गिरावट आई। इसकी बड़ी वजह मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई है।


नए निवेशकों को मार्केट से ज्यादा निराशा

एक्सपर्टस का कहना है कि मार्केट में आई गिरावट से इनवेस्टर्स मायूस हैं। खासकर वे इनवेस्टर्स ज्यादा निराश हैं जिन्होंने कोविड के दौरान शेयरों में निवेश किया था। वे पहले बार मार्केट में इतनी बड़ी गिरावट देख रहे हैं। हालांकि, बाजार में गिरावट निवेश का मौका होता है। लेकिन, इस बार की गिरावट थोड़ी अलग है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई की वजह से अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समझौते की कोशिश के बावजूद ईरान ने फिलहाल समझौते से इनकार किया है। इस बीच क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर बनी हुई है। इससे ग्लोबल इकोनॉमी के लिए खतरा बढ़ा है।

गिरावट के बावजूद इन शेयरो ने किया मालामाल

वित्त वर्ष 2026 में बाजार में बड़ी गिरावट के बावजूद कुछ शेयरों ने निवेशकों को मालामाल किया। इनमें पहला नाम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) का है। यह शेयर FY26 में 35 फीसदी चढ़ा है। श्रीराम फाइनेंस के शेयरों ने भी निवेशकों को मालामाल किया है। इस शेयर ने भी निवेशकों को 36 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है। हिंडाल्को का शेयर भी करीब 34 फीसदी उछला है। टाइटन कंपनी के शेयरों में भी वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 33 फीसदी तेजी आई है। देश के सबसे बड़े बैंक SBI का शेयर इस दौरान 27 फीसदी चढ़ा है।

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इन शेयरों ने डुबोया निवेशकों का पैसा 

कई शेयरों ने वित्त वर्ष 2025-26 में निवेशकों का पैसा डुबाया है। इनमें TCS शामिल है। यह देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी है। एथ्रोपिक के नए एआई टूल का असर टीसीएस के शेयरों पर काफी ज्यादा पड़ा है। वित्त वर्ष 2025-26 में यह यह शेयर 33 फीसदी से ज्यादा टूटा है। ITC के शेयरों में 29 फीसदी की गिरावट इस दौरान आई है। इंटरग्लोब एविएशन यानी इंडिगो का शेयर इस दौरान 21 फीसदी से ज्यादा गिरा है। लेकिन, सबसे ज्यादा करीब 40 फीसदी की गिरावट Trent में आई है। यह टाटा समूह की कंपनी है।

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