Stock Markets: मार्केट 20% गिरने वाला है, तो क्या Nifty गिरकर 18000 से नीचे जाएगा?

स्टॉक मार्केट्स में 9 अप्रैल को बिकवाली का दबाव दिखा। छोटी और बड़ी कंपनियों के शेयर हरे निशान में चल रहे थे। सबसे ज्यादा गिरावट गोल्ड लोन कंपनियों और फॉर्मा कंपनियों के स्टॉक्स में देखने को मिली। एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को अभी मार्केट में सावधानी बरतने की जरूरत है

अपडेटेड Apr 09, 2025 पर 2:44 PM
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ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक ने कहा है कि स्टॉक मार्केट्स डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी से यहां से और 20 फीसदी तक गिर सकते हैं।

क्या आप हर दो-चार दिनों के बाद स्टॉक मार्केट्स में आने वाली तेजी को लेकर उत्साहित हैं? अगर हां तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। स्टॉक मार्केट्स में और 20 फीसदी की गिरावट आने वाली है। ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक ने यह अनुमान जताया है। उन्होंने कहा कि स्टॉक मार्केट्स डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी से यहां से और 20 फीसदी तक गिर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ इनवेस्टर्स का तो मानना है कि ट्रंप के टैरिफ का असर अमेरिकी इकोनॉमी पर पड़ना शुरू हो गया है। ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी का सबसे ज्यादा असर अमेरिकी मार्केट पर पड़ा है। अमेरिकी मार्केट का प्रमुख सूचकांक नैस्डेक इस साल करीब 20 फीसदी तक गिर चुका है।

पिछले साल सितंबर के अंत से गिर रहा बाजार

अगर Larry Fink का अनुमान सही साबित होता है तो Nifty गिरकर 18,000 प्वाइंट्स तक जा सकता है। सवाल है कि क्या आप इस गिरावट का सामना करने के लिए तैयार हैं? शायद की कोई इनवेस्टर इतनी बड़ी गिरावट के लिए तैयार होगा। इंडियन स्टॉक मार्केट्स में पिछले साल सितंबर के आखिर से गिरावट जारी है। इस गिरावट ने निवेशकों को बेचैन कर दिया है। लॉर्जकैप से ज्यादा स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में गिरावट आई है। इसका असर SIP से होने वाले निवेश पर भी दिखा है। SIP रेशियो घटने के संकते मिल रहे हैं। इससे इंडियन मार्केट्स के लिए बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा।


जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ने से होगी दिक्कत

फिंक ने अमेरिका में एक प्रोग्राम में कहा कि उन्होंने कई सीईओ से बात की। इनमें से ज्यादातर का मानना था कि हम संभवत: मंदी में जा चुके हैं। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी का ग्लोबल इकोनॉमी खासकर अमेरिकी इकोनॉमी पर बहुत खराब असर पड़ता दिख रहा है। माना जा रहा है कि टैरिफ की वजह से चीजों की कीमतें बढ़ जाएंगी, जिससे लोगों को फिर से महंगाई के दानव से निपटना होगा। ध्यान में रखने वाली बात है कि कोविड के बाद अमेरिकी सरकार और फेडरल रिजर्व की पॉलिसी से अमेरिका में इनफ्लेशन काफी बढ़ गया था। इसे काबू में करने में कई साल लग गए। अब फिर से अमेरिका में महंगाई बढ़ने जा रही है।

इंडियन मार्केट्स में सेंटिमेंट्स खराब हो रहा है

ब्लैकरॉक दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। इस कपनी के सीईओ ने हालांकि यह कहा कि अभी सिस्टम में किसी तरह का रिस्क नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यह गिरावट बेचने की जगह खरीदने का मौका है। ध्यान देने वाली बात यह है कि फिंक वॉल स्ट्रीट के पहले ऐसे एग्जिक्यूटिव हैं, जिन्होंने पिछले हफ्ते ट्रंप के टैरिफ के ऐलान के बाद स्टॉक मार्केट्स में बड़ी गिरावट का अनुमान जताया था। अब तक मार्केट पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। इंडियन मार्केट्स में भी सेंटिमेंट खराब हो रहा है।

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आम लोगों की मुसीबत बढ़ने जा रही है

ब्लैकरॉक के सीईओ ने कहा कि स्टॉक मार्केट्स की यह गिरावट आम आदमी के लिए मुसीबत पैदा कर रही है। इससे लोगों के खर्च करने की क्षमता पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा, "सच यह है कि आज 62 फीसदी अमरिकी लोग शेयरों में इनवेस्ट करते हैं। मार्केट में गिरावट का असर आम लोगों पर पड़ रहा है। यह संकट कंजम्प्शन पर बड़ा असर डालने जा रहा है। यह सब जल्द होने वाला है।"

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