Get App

Stock Markets: लॉन्ग टर्म में दमदार रिटर्न चाहिए? तो सिर्फ मल्टीबैगर के भरोसे मत बैठिए

एक्सिस एएमसी के चीफ इनवेस्टमेंट अफसर आशीष गुप्ता ने कहा कि यह सही है कि मल्टीबैगर्स इनवेस्टर्स को काफी अट्रैक्ट करते हैं, लेकिन इनवेस्टमेंट का मतलब लंबे समय तक निवेश बनाए रखना है। आप मार्केट में कब एंट्री करते हैं, इससे ज्यादा अहम यह है कि आप मार्केट में कितना समय बिताते हैं

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Feb 18, 2026 पर 5:43 PM
Stock Markets: लॉन्ग टर्म में दमदार रिटर्न चाहिए? तो सिर्फ मल्टीबैगर के भरोसे मत बैठिए
डायवर्सिफिकेशन जरूरी है, क्योंकि इससे यह सुनिश्चित होता है कि पोर्टफोलियो का प्रदर्शन किसी एक स्टॉक पर निर्भर नहीं होगा।

लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार करने में मल्टीबैगर से ज्यादा हाथ अनुशासन, रिस्क मैनेजमेंट और निवेश की अवधि का होता है। एक्सिस एएमसी के चीफ इनवेस्टमेंट अफसर आशीष गुप्ता ने यह कहा। मनीकंट्रोल के अहमदाबाद में आयोजित म्यूचुअल फंड समिट में उन्होंने इनवेस्टमेंट और वेल्थ क्रिएशन के बारे में कई अहम बातें बताईं।

सिर्फ मल्टीबैगर के पीछे भागने से काम नहीं चलेगा

गुप्ता ने कहा कि यह सही है कि मल्टीबैगर्स इनवेस्टर्स को काफी अट्रैक्ट करते हैं, लेकिन इनवेस्टमेंट का मतलब लंबे समय तक निवेश बनाए रखना है। आप मार्केट में कब एंट्री करते हैं, इससे ज्यादा अहम यह है कि आप मार्केट में कितना समय बिताते हैं। उन्होंने कहा कि फंड मैनेजर्स का फोकस फंड के बेहतर प्रदर्शन पर होना चाहिए ताकि इनवेस्टर्स लंबे समय तक अपना निवेश बनाए रखे। फंड मैनेजर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इनवेस्टर्स शॉर्ट टाइमफ्रेम में अपना पैसा निकालने के लिए मजबूर ना हो। रिटर्न जरूरी है लेकिन रिस्क मैनेजमेंट भी उतना ही जरूरी है।

पोर्टफोलियो बनाने का मतलब सिर्फ स्टॉक की तलाश करना नहीं है

सब समाचार

+ और भी पढ़ें