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बाजार में 5 अगस्त को आई गिरावट से आपको क्या सीखने की जरूरत है?

पिछले दो-तीन सत्रों में इंडिया और ग्लोबल मार्केट्स में आई गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। 6 अगस्त को आई रिकवरी से निवेशकों ने राहत की सांस ली है। लेकिन, सवाल है कि निवेशकों को इस गिरावट के बाद मार्केट को किस तरह से देखना चाहिए

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 06, 2024 पर 11:31 AM
बाजार में 5 अगस्त को आई गिरावट से आपको क्या सीखने की जरूरत है?
यह अपने पोर्टफोलियो पर करीबी नजर डालने का सही वक्त है। आपको यह देखने की जरूरत है कि इक्विटी और डेट के बीच आपका एसेट एलोकेशन क्या है।

स्टॉक मार्केट्स में 5 अगस्त को आई गिरावट ने निवेशकों को डरा दिया। हालांकि, 6 अगस्त को आई रिकवरी से निवेशकों ने राहत की सांस ली है। सवाल है कि आखिर यह गिरावट क्यों आई? यह बिल्कुल वैसा ही है कि जब सबकुछ सामान्य दिख रहा होता है आप समुद्र में जाते हैं, लेकिन अचानक पैरों तले बालू खिसकने से आपको डर लगने लगता है। बाजार की सबसे बड़ी चिंता अमेरिका है। पिछले हफ्ते रोजगार से जुड़े डेटा आने के बाद ऐसा लग रहा है कि फेडरल रिजर्व ने इंटरेस्ट रेट घटाने में देर कर दी।

फेडरल रिजर्व पर इंटरेस्ट रेट घटाने में देरी के आरोप

पिछले कई महीनों से अमेरिका में इकोनॉमी से जुड़े डेटा कभी अच्छे तो कभी खराब आए हैं। इससे इंटरेस्ट रेट में कमी की उम्मीद कर रहे लोगों का इंतजार बढ़ा है। फेड (Federal Reserve) इंटरेस्ट रेट घटाने से पहले इस बात को लेकर आश्वस्त होना चाहता था कि इकोनॉमी की रफ्तार सुस्त पड़ रही है। वह जल्दबाजी में इंटरेस्ट रेट में कमी कर अपनी विश्वसनीयता को खतरे में नहीं डालना चाहता था। कोविड की महामारी के बाद इंटरेस्ट रेट बढ़ाने में फेडरल रिजर्व की तरफ से देर हुई थी। दरअसल, उसे लगा था कि इनफ्लेशन में उछाल थोड़े समय के लिए है। इस बार उस पर इंटरेस्ट घटाने में सुस्ती के आरोप लग रहे हैं।

अमेरिकी इकोनॉमी की रफ्तार सुस्त पड़ने के संकेत

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