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Stocks in Action : US-ईरान बातचीत फिर शुरू होने की उम्मीद से बाजार में आई तेजी, आज इन शेयरों में देखने को मिलेगा जोरदार एक्शन

Stocks in Action : क्रूड में नरमी का OMC शेयरों पर पॉजिटिव असर देखने को मिल सकता है। ब्रेंट क्रूड का भाव 95 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। क्रूड दो दिन में ऊपरी स्तरों से 9 फीसदी फिसला है। क्रूड में गिरावट से OMCs की अंडर-रिकवरी घटेगी

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Apr 15, 2026 पर 12:24 PM
Stocks in Action : US-ईरान बातचीत फिर शुरू होने की उम्मीद से बाजार में आई तेजी, आज इन शेयरों में देखने को मिलेगा जोरदार एक्शन
Top stock picks : डेली टाइम फ्रेम पर ICICI BANK में तेजी का मोमेंटम लौटा है। 4 दिनों से HIGHER HIGHs, HIGHER LOWs बने हैं।

Stocks in Action : बाजार में तेजी कायम है। फिलहाल सेंसेक्स 1,268.90 अंक या 1.65 प्रतिशत बढ़कर 78,116.47 पर पहुंच गया है। वहीं, निफ्टी 385.20 अंक या 1.62 प्रतिशत बढ़कर 24,227.85 के आसपास कारोबार कर रहा है। लगभग 3195 शेयरों में बढ़त और 406 शेयरों में गिरावट आई है। 154 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ग्लोबल मार्केट की बात करें तो US और ईरान में बातचीत फिर शुरू होने की उम्मीद से US बाजार दौड़े हैं। ट्रंप ने कहा है कि US और ईरान में बातचीत अगले 2 दिनों में शुरू हो सकती है। 7 अप्रैल के सीजफायर ऐलान के बाद लड़ाई लगभग रुक गई है।

UN सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुतरेश ने भी कहा है कि US-ईरान बातचीत फिर शुरू होने की उम्मीद है। इजराइल और लेबनान ने शांति समझौते के लिए सीधी बातचीत पर सहमति जताई है। US सेंट्रल कमांड ने कहा है कि शुरुआती 24 घंटों में ईरानी बंदरगाहों से कोई जहाज US ब्लॉकेड से नहीं गुजरा है। WSJ ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि पिछले 24 घंटों में 20 से ज्यादा कमर्शियल जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे हैं। PM मोदी ने डॉनल्ड ट्रंप के साथ 40 मिनट की फोन कॉल का ट्वीट। ईरान के राष्ट्रपति, विदेश मंत्री या संसद स्पीकर ने पिछले 2 दिनों में "X" पर कोई बड़ा पोस्ट नहीं किया है।

एनर्जी कीमतों पर असर

ब्रेंट $95 प्रति बैरल तक गिर गया है। वहीं, WTI $90 के आसपास बरकरार है। फिजिकल ब्रेंट की कीमत अब भी $120 के आसपास है। ATF, पेट्रोल-डीजल कीमतें अब भी ऊंची बनी हुई हैं। इस बीच ट्रंप ने कहा है कि पेट्रोल-डीजल कीमतें मिड-टर्म चुनाव तक ऊंची रह सकती हैं। IEA ने कहा है कि युद्ध की वजह से 2020 के बाद पहली बार इस साल ग्लोबल ऑयल डिमांड घटेगी। IEA की ED फातिह बिरोल ने कहा है कि ऑयल फ्यूचर्स अभी संकट की गंभीरता को नहीं दिखा रहे हैं लेकिन जल्द ही दिखाएंगे। बेस केस में वेस्ट एशिया से ऑयल फ्लो मिड-ईयर तक सामान्य हो जाएगा।

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