Stocks in Focus: सोमवार, 6 अप्रैल के कारोबारी सत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कुछ कंपनियां खास फोकस में रह सकती हैं, क्योंकि उन्हें हाल ही में बड़े ऑर्डर मिले हैं। इन डील्स से कंपनियों की आगे की ग्रोथ विजिबिलिटी भी बेहतर दिख रही है। ऐसे में इन शेयरों में शॉर्ट टर्म में अच्छी हलचल देखने को मिल सकती है।
इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी GR Infraprojects Limited ने वेस्ट सेंट्रल रेलवे के साथ 1,898 करोड़ रुपये का EPC एग्रीमेंट साइन किया है, जिससे उसकी ऑर्डर बुक और मजबूत हुई है। हाल के हफ्तों में कंपनी को लगातार प्रोजेक्ट मिल रहे हैं, जो अलग-अलग सेगमेंट में स्थिर ऑर्डर फ्लो का संकेत देते हैं।
इससे पहले GR Infraprojects को NHAI से 1,453.57 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस मिला था। इसमें गुजरात के NH-56 के 60.21 किलोमीटर हिस्से को चार लेन में अपग्रेड करना शामिल है। वहीं NTPC Limited से 413.37 करोड़ रुपये का बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट भी मिला है। कंपनी गुजरात में एक और NH-56 प्रोजेक्ट की सबसे कम बोली लगाने वाली रही है। इसी महीने बिहार में NHAI से 2,440.87 करोड़ रुपये का हाईवे प्रोजेक्ट भी हासिल किया है।
एक अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर J Kumar Infraprojects Limited को लखनऊ में इंटरनेशनल एग्जीबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर बनाने के लिए 1,184 करोड़ रुपये का EPC कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी को यह लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस 3 अप्रैल 2026 को लोक निर्माण विभाग (PWD), लखनऊ के PMGSY सर्कल से मिला है।
यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के लखनऊ में वृंदावन योजना, सेक्टर-15 में 10,000 लोगों की क्षमता वाले कन्वेंशन सेंटर के डिजाइन, इंजीनियरिंग और निर्माण से जुड़ा है। प्रोजेक्ट को EPC मोड पर 24 महीने में पूरा किया जाएगा। कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 1,184 करोड़ रुपये है (GST को छोड़कर), और इससे कंपनी की ऑर्डर बुक और मजबूत होगी।
सरकारी रेल कंपनी Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) को साउथ सेंट्रल रेलवे से 242 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस मिला है। इस प्रोजेक्ट में ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) का डिजाइन, सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग शामिल है। इसके तहत मौजूदा 1x25 kV सिस्टम को अपग्रेड कर 2x25 kV AT फीडिंग सिस्टम में बदला जाएगा।
यह काम विजयवाड़ा डिवीजन के ओंगोल से गुडूर सेक्शन (154 आरकेएम/462 टीकेएम) में किया जाएगा और प्रोजेक्ट को 24 महीने में पूरा करना है। कुल लागत 242.49 करोड़ रुपये है। कंपनी के मुताबिक, यह सामान्य कारोबार का हिस्सा है और इसमें किसी तरह का संबंधित पक्ष लेनदेन शामिल नहीं है। इससे कंपनी की ऑर्डर बुक और रेलवे इंफ्रा में पकड़ मजबूत होगी।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।