अधिकांश फंड मैनेजर 500 सबसे बड़ी कंपनियों में से अपने पसंदीदा स्टॉक चुनते हैं। बतातें चलें कि साल 2018 में कैपिटल मार्केट के रेगुलेटर सेबी ने लार्ज कैप, मिड कैप, स्मॉल कैप स्टॉक की परिभाषा निर्धारित कर दी है। हालांकि फंड मैनेजर लिक्विडिटी की सुविधा को देखते हुए अपने फंड के पोर्टफोलियो के लिए 500 सबसे बड़ी कंपनियों के ही स्टॉक चुनते हैं। लेकिन कभी-कभी वो मल्टीबैगर स्टॉक की खोज में इस पैमाने से बाहर निकल जाते हैं। ACMF के आंकड़ों के मुताबिक, एक्टिव इक्विटी फंडो के AUM में से सिर्फ 4 फीसदी या 69298 करोड़ रुपये का निवेश निफ्टी 500 कंपनियों से बाहर की कंपनियों में किया गया है। ये आंकड़े दिसंबर 2022 तक के हैं।
