Stock to BUY: टाटा ग्रुप का यह शेयर बनाएगा ‘लॉन्ग-टर्म’ वैल्यू, मोतीलाल ओसवाल को 31% तक तेजी का अनुमान

Tata Group Stock: टाटा ग्रुप की कंपनी, टाटा पावर कंपनी के शेयरों में मौजूदा स्तर से करीब 31 प्रतिशत तक की तेजी आ सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने अपनी एक हालिया रिपोर्ट में यह अनुमान जताया है। ब्रोकरेज ने लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन के लिहाज से इस शेयर को एक मजबूत दांव बताया है

अपडेटेड Dec 16, 2025 पर 9:59 AM
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Tata Group Stock: टाटा पावर ने एनालिस्ट मीट के दौरान फाइनेंशियल ईयर 2030 के लिए बड़े टारगेट तय किए हैं

Tata Group Stock: टाटा ग्रुप की कंपनी, टाटा पावर कंपनी के शेयरों में मौजूदा स्तर से करीब 31 प्रतिशत तक की तेजी आ सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने अपनी एक हालिया रिपोर्ट में यह अनुमान जताया है। ब्रोकरेज ने लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन के लिहाज से इस शेयर को एक मजबूत दांव बताया है। मोतीलाल ओसवाल ने टाटा पावर के शेयर पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए इसे 500 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है।

ब्रोकरेज ने बताया कि उसने 15 दिसंबर को भुवनेश्वर में आयोजित टाटा पावर के एनालिस्ट मीट में हिस्सा लिया, जहां कंपनी के सीनियर मैनेजमेंट ने आगे की ग्रोथ स्ट्रैटेजी को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की।

ब्रोकरेज ने कहा कि टाटा पावर ने एनालिस्ट मीट के दौरान फाइनेंशियल ईयर 2030 के लिए बड़े टारगेट तय किए हैं। कंपनी का टारगेट FY30 तक अपनी अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन (EBITDA) को दोगुना करके ₹30,000 करोड़ करना और नेट प्रॉफिट को बढ़ाकर ₹10,000 करोड़ करना है। ये दोनों टारगेट वित्त वर्ष 2025 के स्तरों से दोगुने से भी ज्यागा है, जो कंपनी के मजबूत ग्रोथ रोडमैप को दिखाते हैं।


ब्रोकरेज ने टाटा पावर के मुंद्रा पावर प्लांट से जुड़े घटनाक्रमों पर भी रोशनी डाली। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी एक नए स्पेशल पावर परचेज एग्रीमेंट मैकेनिज्म को अंतिम रूप देने के लिए उन्नत स्तर की बातचीत कर रही है, जो सेक्शन XI जैसी व्यवस्था पर आधारित होगा। इससे जनवरी 2026 से पावर शेड्यूलिंग संभव हो सकती है, जिससे प्लांट की उपयोगिता और रेवेन्यू विजिबिलिटी में सुधार आने की उम्मीद है।

इसके अलावा टाटा पावर, कैप्टिव जेनरेशन प्रोजेक्ट्स पर दोबारा रणनीतिक फोकस कर रही है। कंपनी का इरादा वित्त वर्ष 2027 से हर साल 2 से 2.5 गीगावाट की कैप्टिव क्षमता जोड़ने का है। यह कदम औद्योगिक और कॉर्पोरेट ग्राहकों के बीच बढ़ती मांग को देखते हुए अहम माना जा रहा है।

फिलहाल Tata Power की कुल इंस्टॉल्ड और ऑपरेशनल क्षमता 16 गीगावाट है, जिसमें से 7.1 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी से आती है। कंपनी ने 2030 तक अपनी कुल क्षमता को 30 गीगावाट तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 20 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी की होगी। इससे साफ है कि कंपनी का दीर्घकालिक फोकस ग्रीन एनर्जी और क्लीन पावर ट्रांजिशन पर बना हुआ है।

हालांकि, Motilal Oswal ने यह भी नोट किया कि Tata Power ने FY30 के लिए अपने ऑपरेशनल रिन्यूएबल क्षमता लक्ष्य में कुछ संशोधन किया है। इसे पहले के 23 गीगावाट से घटाकर 20 गीगावाट कर दिया गया है, यानी करीब 13 प्रतिशत की कटौती। इसी के साथ, कुल इंस्टॉल्ड क्षमता का लक्ष्य भी 33 गीगावाट से घटाकर 30 गीगावाट किया गया है। इसके बावजूद, ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का लॉन्ग-टर्म ग्रोथ फ्रेमवर्क मजबूत बना हुआ है।

शेयर की चाल की बात करें तो Tata Power के शेयर सोमवार को मामूली बढ़त के साथ 382 रुपये के भाव पर बंद हुए। हालांकि, साल 2025 में अब तक यह शेयर करीब 3 प्रतिशत फिसला है।

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