Stocks to Sell: ब्रोकरेज के मुताबिक इंडियन होटल्स (Indian Hotels), अप्टस वैल्यू हाउसिंग फाइनेंस इंडिया (Aptus Value Housing Finance India) और क्लीन साइंस एंड टेक (Clean Science and Technology) मौजूदा लेवल से करीब 30 फीसदी फिसल सकते हैं। इसमें से दो शेयर आज ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। कंपनियों के दिसंबर 2023 तिमाही के नतीजे सामने आ रहे हैं। इसके आधार पर ब्रोकरेज फर्म इन कंपनियों के शेयरों की रेटिंग कर रहे हैं कि किस कंपनी में निवेश करना चाहिए और किसे बेचना बेहतर होगा। घरेलू ब्रोकरेज फर्म HDFC सिक्योरिटीज ने इन नतीजों के आधार पर तीन ऐसे शेयरों को फटाफट बेचने की सलाह दी है जो मौजूदा लेवल से करीब 30 फीसदी टूट सकते हैं।
टाटा ग्रुप की हॉस्पिटैलिटी कंपनी इंडियन होटल्स के लिए दिसंबर 2023 तिमाही उम्मीद के मुताबिक ही रही। इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 16.5 फीसदी उछलकर 1960 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। रेवेन्यू को अकुपेंसी के सालाना आधार पर 1.60 फीसदी बढ़कर 69.6 फीसदी और एवरेज रूम रेट के 12 फीसदी बढ़ने से फायदा मिला। इसे अहम लोकेशंस पर डिमांड और सप्लाई में गैप, छुट्टियों और शादियों के चलते यात्राओं के साथ-साथ क्रिकेट वर्ल्ड कप से सपोर्ट मिला। EBITDA मार्जिन 1.90 फीसदी बढ़कर 37.3% हो गया।
कंपनी ने हाल ही में अपना 200वां होटल लॉन्च किया है और 2027 तक कुल होटलों की संख्या 280 तक जाने की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि इसका अकुपेंसी और एवरेट रूम रेट मौजूदा लेवल से ऊपर जाने की उम्मीद है। ग्रोथ की इतनी मजबूत गुंजाइश के बावजूद चूंकि इसके शेयर पिछले साल 59 फीसदी चढ़े थे जिसके चलते ब्रोकरेज ने इसकी रेटिंग को घटाकर रिड्यूस कर दी है और टारगेट प्राइस 456 रुपये फिक्स किया है। यह मौजूदा भाव से करीब 14 फीसदी डाउनसाइड है। इसके शेयर आज BSE पर 0.07 फीसदी की गिरावट के साथ 527.50 रुपये पर बंद हुए हैं।
एप्टस वैल्यू हाउसिंग फाइनेंस इंडिया की लोन ग्रोथ सालाना आधार पर 28 फीसदी रही और ऑपरेटिंग एक्सपेंडिचर में सुधार हुआ और यह एसेट अंडर मैनेजमेंट का 2.6 फीसदी रहा। क्रेडिट कॉस्ट लगभग स्थिर बनी रही। ब्रोकरेज के मुताबिक ये नतीजे उसके अनुमान के मुताबिक ही रहे। एप्टस का फोकस एलआईजी, सेल्फ एंप्लॉयड, गांवों के कस्टमर्स पर बना हुआ है और यह लगातार अपना भौगोलिक विस्तार कर रही है। हालांकि कॉम्पटीशन के बढ़ते माहौल के साथ-साथ सामान्य से अधिक रिस्क-एडजस्टेड मार्जिन के चलते इसकी लोन ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी में गिरावट का रिस्क बना हुआ है। इस कारण ब्रोकरेज ने रिड्यूस रेटिंग में कोई बदलाव तो नहीं किया है लेकिन टारगेट प्राइस भी घटाकर 280 रुपये कर दिया है। यह टारगेट प्राइस मौजूदा लेवल से करीब 22 फीसदी डाउनसाइड है। इसके शेयर आज बीएसई पर 0.46 फीसदी की बढ़त के साथ 359.00 रुपये पर बंद हुए हैं।
ब्रोकरेज ने क्लीन साइंस एंड टेक की सेल रेटिंग में कोई बदलाव नहीं किया है। इसकी वजह ये है कि प्लास्टिक और पॉलीमर्स में इस्तेमाल होने वाले स्टेबलाइजर्स HALs (हिंडर्ड ऐमीन लाइट स्टैबलाइजर्स) की ग्रोथ अनुमान से कम होने के साथ-साथ परफॉरमेंस केमिकल्स की बिक्री भी कम हो रही है। ब्रोकरेज के मुताबिक इसका ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन वित्त वर्ष 2023 में 65 फीसदी से वित्त वर्ष 2026 तक 5.17 फीसदी टूट सकता है तो EBITDA मार्जिन भी इस दौरान 3.41 फीसदी कम हो सकता है। वित्त वर्ष 2023 में इसका EBITDA मार्जिन 43 फीसदी पर था।
वैश्विक स्तर की दिग्गज कंपनियां HALs और HALs के इंटरमीडिएट्स की अपनी क्षमता बढ़ा रही हैं। इन सब वजहों से ब्रोकरेज ने इसकी सेल रेटिंग को बरकरार रखा है और टारगेट 980 रुपये पर फिक्स किया है। मौजूदा लेवल से यह टारगेट 30 फीसदी से अधिक डाउनसाइड है। आज BSE पर यह 0.77 फीसदी की बढ़त के साथ 1392.10 रुपये पर बंद हुआ है।
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