सुदर्शन केमिकल ने जर्मनी के Heubach ग्रुप को खरीदने का एलान किया है। ये डील 1180 करोड़ में होने की उम्मीद है। अगले 3 से 4 महीने में डील पूरी होने की संभावना है। Heubach ग्रुप दुनिया की दूसरी बड़ी पिगमेंट पोर्टफोलियो कंपनी है। Heubach के प्रोडक्ट का इस्तेमाल पेंट, प्लास्टिक और प्रिंटिंग में होता है। यूरोप, अमेरिका और APAC क्षेत्र में कंपनी का कारोबार है। दुनियाभर में Heubach ग्रुप की 17 यूनिटें हैं। Heubach ग्रुप पिछले 2 साल से वित्तीय संकट से जूझ रहा है। लागत बढ़ने, इंन्वेंट्री और ऊंची ब्याज दरों ने कंपनी की स्थिति बिगड़ दी है। इस डील पर बात करने के लिए आज सीएनबीसी-आवाज़ के साथ जुड़े सुदर्शन केमिकल के MD राजेश राठी।
Heubach को खरिदने के पीछे क्या कारण हैं और किस तरह की Synergy का फायदा मिलेगा?
राजेश राठी ने कहा कि Heubach ग्रुप डील को लेकर कंपनी उत्साहित है। ग्लोबल पिगमेंट लीडर बनने का कंपनी का लक्ष्य है। इस डील से Heubach ग्रुप की 17 यूनिट को खरीदेगी। Heubach यूरोप, अमेरिका और APAC क्षेत्रों में बिक्री करती है। इसके प्रोडक्ट पेंट, प्लास्टिक, प्रिंटिंग में इस्तेमाल होते हैं।
Heubach ने बैंकरप्सी की थी , तो इस कंपनी की हेल्थ कैसी है , क्या आपको इस अधिग्रहण में कुछ जिम्मेदारियां भी उठानी पड रही हैं ?
2022 में Heubach ने Clariant's BU को खरीदा था। रूस-यूक्रेन जंग से एनर्जी कीमतें काफी बढ़ी थी। पिगमेंट पोर्टफोलियो के डिमांड में भी गिरावट आई थी। बैलेंसशीट कमजोर रहने से कर्ज का बोझ बढ़ता गया है। ऊंची ब्याज दरों से भी कारोबार में दिक्कतें आई हैं। कंपनी ने इन्सॉल्वेसी का एलान किया था। एसेट और शेयर डील के जरिए Heubach को खरीदा गया है।
सुदर्शन और Heubach का इंटीग्रेशन कैसे होगा , किस तरह की कैपेसिटी खड़ी होगी कुछ आउटलुक दे पाएंगे ?
इस डील से कंपनी का आउटलुक काफी मजबूत होगा। कंपनी को प्रॉफिटेबल बनाने पर फोकस रहेगा। Heubach ग्रुप को 1 कंपनी में इंटीग्रेट करेंगे। डील पूरी होने के बाद वैल्यू क्रिएशन पर फोकस रहेगा।
आप अगर इस समय ये डील कर रहें, क्या ये संकेत है की केमिकल कंपनियों के लिए माहौल सुधरने लगा हैं? क्या डिमांड लौट रही है?
पिछला 1 साल केमिकल इंडस्ट्री के लिए बुरा रहा है। लेकिन केमिकल इंडस्ट्री में अब रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं। पिछले साल से इन्वेंटरी बढ़ने की दिक्कते नहीं हैं। पिछली तिमाही में आय और EBITDA ग्रोथ मजबूत रही है। कंपनी का मजबूत प्रदर्शन जारी रहने की उम्मीद है।
अगले 2-3 सालों में इस इंटीग्रेशन के साथ अगर एक अंदाजा दे सकें की कारोबार कितना बड़ा होगा?
अगले 2-3 साल में यह एक कंबाइन एंटिटी होगी। कंबाइन एंटिटी की आय ग्रोथ में मजबूती संभव है। EBITDA ग्रोथ पर कंपनी का फोकस रहेगा। कंपनी का बिजनेस तेजी से टर्नअराउंड होगा। कंपनी की वित्तीय स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।