Sugar Stocks: 30 सितंबर तक चीनी के निर्यात पर रोक, Balrampur Chini समेत इन शुगर स्टॉक्स में आई 4% की गिरावट

Sugar Stocks: सरकार ने तत्काल प्रभाव से 30 सितंबर तक के लिए चीनी के निर्यात पर रोक लगा दिया है। इसका असर आज शुगर कंपनियों के शेयरों पर दिखा और ये धड़ाम हो गए। हालांकि एक अहम बात ये भी है कि सरकार ने कुछ स्थितियों में चीनी के निर्यात को मंजूरी भी दी है। जानिए निर्यात पर रोक से किन शुगर कंपनियों को कितना झटका लगा और किन स्थितियों में निर्यात को मंजूरी मिल सकती है

अपडेटेड May 14, 2026 पर 11:16 AM
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DGFT (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड) ने 13 मई को जो नोटिफिकेशन जारी किया है, उसके मुताबिक चीनी (कच्ची चीनी, सफेद चीनी और रिफाइंड चीनी) के निर्यात नीति को ‘Restricted’ से बदलकर ‘Prohibited’ किया जाता है, जो तत्काल प्रभाव से 30 सितंबर 2026 तक या अगले आदेश तक लागू रहेगा। (File Photo- Pexels)

Sugar Stocks: सरकार ने तत्काल प्रभाव से चीनी के निर्यात पर रोक लगाया तो दिग्गज चीनी कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए। सरकार ने घरेलू मार्केट में चीनी की कीमतों पर नियंत्रण रखने और इंफ्लेशन को मैनेज करने के लिए चीनी के निर्यात पर यह रोक तत्काल प्रभाव से लगाई है और यह रोक 30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा। हालांकि यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका को टैरिफ रेट कोटा (TRQ) योजना के तहत होने वाले निर्यात पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। सरकार ने उन खेपों को भी राहत दी है जिनके निर्यात की प्रक्रिया पहले ही चालू हो चुकी है।

Sugar Stocks: स्टॉकवाइज क्या है स्थिति?

चीनी के निर्यात पर रोक के बाद बलरामपुर चीनी (Balrampur Chini Mills) के शेयर 3.13% टूटकर ₹531.70 पर आ गए तो धामपुर शुगर मिल्स (Dhampur Sugar Mills) भी 4.14% फिसलकर ₹147.40 तक आ गया। सबसे अधिक गिरावट धामपुर शुगर मिल्स में ही दिख रही है। वहीं त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज (Triveni Engineering & Industries) के शेयर 1.30% फिसलकर ₹383.15 और श्री रेणुका शुगर्स (Shree Renuka Sugars) 0.60% टूटकर ₹24.71 तो डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज (Dalmia Bharat Sugar and Industries) का शेयर 0.29% गिरकर ₹365 पर आ गया। ईआईटी पैरी इंडिया (EID Parry India) चीनी के निर्यात पर रोक के चलते 1.40% गिरकर ₹794.10 पर आ गया।


निर्यात को लेकर क्या है सरकार के फैसले में?

DGFT (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड) ने 13 मई को जो नोटिफिकेशन जारी किया है, उसके मुताबिक चीनी (कच्ची चीनी, सफेद चीनी और रिफाइंड चीनी) के निर्यात नीति को ‘Restricted’ से बदलकर ‘Prohibited’ किया जाता है, जो तत्काल प्रभाव से 30 सितंबर 2026 तक या अगले आदेश तक लागू रहेगा। हालांकि इस आदेश में यह भी स्पष्ट है कि यूरोपीय संघ और अमेरिका को टैरिफ रेट कोटा योजना के तहत होने वाले निर्यात पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

इसके अलावा सरकार ने उन खेपों को भी राहत दी है जिनके निर्यात की प्रक्रिया पहले ही चालू हो चुकी हैं, जैसे कि वे शिपमेंट जिनका लोडिंग नोटिफिकेशन से पहले ही शुरू हो चुका है, जिनके शिपिंग बिल पहले ही दाखिल हो चुके थे, जिन जहाजों ने भारतीय बंदरगाहों पर बर्थ या एंकर कर लिया था, और वे खेप या कंसाइनमेंट्स जो पहले ही कस्टम अथॉरिटी या कस्टोडियन को इलेक्ट्रॉनिक प्रूफ के साथ दे दी गई थीं। ऐसे जहाजों में लोडिंग की मंजूरी तभी दी जाएगी, जब यह स्पष्ट हो जाए कि इन्हें बर्थ या एंकरिंग निर्यात पर रोक वाला नोटिफिकेशन आने से पहले मिला था। सरकार का यह भी कहना है कि फूड सिक्योरिटी यानी खाद्य सुरक्षा के आधार पर अन्य देशों को चीनी निर्यात की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन तभी उस देश की सरकार औपचारिक तौर पर अनुरोध करे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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