ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki India) के बोर्ड ने सुनील कक्कड़ को एडिशनल डायरेक्टर और डायरेक्टर- कॉरपोरेट प्लानिंग नियुक्त किया है। डायरेक्टर- कॉरपोरेट प्लानिंग के तौर पर वह एक होल टाइम डायरेक्टर हैं। यह पहली बार है जब सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन (SMC) ने इस तरह के पद के लिए किसी भारतीय कर्मचारी को नॉमिनेट किया है। इससे पहले कंपनी के चेयरमैन आरसी भार्गव और पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर जगदीश खट्टर, मारुति सुजुकी के बोर्ड में सरकार की ओर से नियुक्त किए गए थे।
सुनील कक्कड़ की होल टाइम डायरेक्टर के तौर पर नियुक्ति 3 साल के लिए है और उनका कार्यकाल 1 अप्रैल 2025 से लेकर 31 मार्च 2028 तक रहेगा। चेयरमैन आरसी भार्गव ने इस डेवलपमेंट को कंपनी के लिए एक ऐतिहासिक माइलस्टोन बताया है। उन्होंने कहा कि इससे सुजुकी जापान और मारुति सुजुकी के बीच उच्चतम स्तर पर बेहद करीबी कोऑर्डिनेशन सुनिश्चित होगा।
केनिचिरो तोयोफुकू की डेजिग्नेशन में बदलाव
कक्कड़ पिछले 35 सालों से मारुति सुजुकी इंडिया में हैं। इसके अलावा कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि बोर्ड ने केनिचिरो तोयोफुकू की डेजिग्नेशन में बदलाव किया है। वह 1 अप्रैल 2025 से डायरेक्टर-कॉरपोरेट प्लानिंग के बजाय डायरेक्टर- सस्टेनेबिलिटी होंगे। इसके अलावा कंपनी के बोर्ड ने डॉ. तपन साहू को कंपनी का सीनियर मैनेजमेंट पर्सोनल (SMP) बनाने को भी मंजूरी दी है। उनका नया कार्यकाल भी 1 अप्रैल 2025 से शुरू होगा।
26 मार्च को ही मारुति सुजुकी इंडिया ने घोषणा की कि उसके बोर्ड ने हरियाणा के खरखौदा में 2.5 लाख व्हीकल प्रति वर्ष की क्षमता वाले तीसरे प्लांट को लगाने के लिए 7,410 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दे दी है। इसके साथ, खरखौदा में कंपनी की क्षमता प्रति वर्ष 7.5 लाख यूनिट तक पहुंचने की संभावना है। 26 मार्च को कंपनी का शेयर बीएसई पर 1 प्रतिशत गिरावट के साथ 11731.70 रुपये पर बंद हुआ।