Jaiprakash Associates Acquisition: सुप्रीम कोर्ट का NCLAT के आदेश में दखल से इनकार, वेदांता ​फिर खाली हाथ

Jaiprakash Associates Acquisition: वेदांता समूह भी दिवाला प्रक्रिया के तहत JAL की खरीद की दौड़ में शामिल था। लेकिन पिछले साल नवंबर में ऋणदाताओं ने अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की समाधान योजना को मंजूरी दे दी, जिसे बाद में NCLT ने भी स्वीकृति दे दी

अपडेटेड Apr 06, 2026 पर 3:28 PM
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NCLAT इस विवाद पर 10 अप्रैल से अंतिम सुनवाई शुरू करेगा।

जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) की खरीद से जुड़े मामले में वेदांता लिमिटेड को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने इस मामले में नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) के आदेश में दखल देने से सोमवार को इनकार कर दिया। साथ ही JAL की निगरानी समिति पर NCLAT की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी बड़ा नीतिगत निर्णय लेने पर भी रोक लगा दी। NCLAT ने अदाणी समूह की 14,535 करोड़ रुपये की बोली के जरिए JAL की खरीद पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद वेदांता लिमिटेड ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन अब कोर्ट से भी उसे निराशा हाथ लगी है।

कोर्ट ने वेदांता लिमिटेड और अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड से कहा कि वे अपने तर्क और प्रतिदावे यानि काउंटर क्लेम NCLAT के सामने रखें। NCLAT इस विवाद पर 10 अप्रैल से अंतिम सुनवाई शुरू करेगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने अदाणी समूह द्वारा JAL के अधिग्रहण से जुड़े विवाद पर दायर याचिका और जवाबी याचिका पर NCLAT से जल्द फैसला लेने को कहा। जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड, जेपी समूह की कंपनी है। इस पर 55000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। इसके कारण यह बिक रही है।

JAL को खरीदने की रेस में Vedanta भी थी शामिल


दरअसल अनिल अग्रवाल का वेदांता समूह भी दिवाला प्रक्रिया के तहत JAL की खरीद की दौड़ में शामिल था। लेकिन पिछले साल नवंबर में ऋणदाताओं ने अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की समाधान योजना को मंजूरी दे दी, जिसे बाद में नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) ने भी स्वीकृति दे दी। इस आदेश को चुनौती देते हुए वेदांता समूह ने NCLAT में दो अपील दायर कीं। पहली अपील में समाधान योजना की वैधता को, जबकि दूसरी में ऋणदाता समिति और NCLT द्वारा योजना को दी गई मंजूरी को चुनौती दी।

इसके बाद NCLAT ने 24 मार्च को इस योजना के अमल पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। NCLAT की दो सदस्यीय पीठ ने JAL की ऋणदाता समिति (CoC) से एक सप्ताह के अंदर जवाब मांगा था और मामले की अगली सुनवाई की तारीख 10 अप्रैल तय की थी। इसके बाद वेदांता लिमिटेड ने NCLAT के आदेश को चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट में अदाणी समूह की 14,535 करोड़ रुपये की बोली को मंजूरी वाले आदेश पर रोक लगाने को लेकर याचिका 25 मार्च को दायर की।

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