Susan Electricals IPO Listing: वायर-केबल बनाने वाली सुसान इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 216 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹127 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹186.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 46.46% का लिस्टिंग गेन (Susan Electricals Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए लेकिन फिर संभलते हुए यह अपर सर्किट पर पहुंच गया।
टूटकर यह ₹180.60 (Susan Electricals Share Price) पर आ गया। इस निचले स्तर पर खरीदारी के साथ उछलकर यह ₹195.30 के अपर सर्किट पर पहुंच गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 53.78% मुनाफे में हैं।
Susan Electricals IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
सुसान इलेक्ट्रिकल्स का ₹70 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 11-15 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 216.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 142.65 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 336.00 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 207.56 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹60 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 8 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹10.29 करोड़ मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार, ₹33.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Susan Electricals के बारे में
सुसान इलेक्ट्रिकल इंडिया लिमिटेड एलुमिनियम और कॉपर-बेस्ड इलेक्ट्रिकल वाइंडिंग वायर, कंडक्टर और पावर केबल बनाती है। कंपनी के प्रोडक्ट्स पोर्टफोलियो में ट्रांसफॉर्मर, मोटर, अल्टरनेटर, कॉइल और दूसरे इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट में इस्तेमाल होने वाले वाइंडिंग वायर और स्ट्रिप, साथ ही ओवरहेड पावर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले एलुमिनियम स्ट्रैंडेड कंडक्टर शामिल हैं। यह पावर केबल भी बनाती है। इसके क्लाइंट्स में सरकारी इलेक्ट्रसिटी डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज (DISCOMs), इंफ्रा और ईपीसी कंपनियों के साथ-साथ इलेक्ट्रिकल वायर्स, केबल्स और कंडक्टर्स सेगमेंट में काम करने वाले बिजनेसेज शामिल हैं।
मैन्युफैक्चरिंग के अलावा कंपनी एलुमिनियम वायर और रॉड भी बेचती है, जो कच्चे माल के तौर पर इस्तेमाल होते हैं। इसकी तीन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज गाजियाबाद, साहिबाबाद और एसएसजीटी रोड पर हैं। वित्त वर्ष 2026 में इसके प्रोडक्ट्स की बिक्री यूपी, झारखंड, एमपी और कर्नाटक समेत सात राज्यों में हुई थी।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹76 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2025 में उछलकर ₹5.65 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2026 में ₹18.25 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन 61% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹269.96 करोड़ पर पहुंच गई। वित्त वर्ष 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹66.72 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹22.89 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।