Suzlon Energy Q2 Results: ₹36 का है शेयर...बाजार बंद होने के बाद आए कंपनी के तिमाही नतीजे, मुनाफा पहुंचा ₹390 करोड़ के पार

Suzlon Energy Q2 FY27 Results: सुजलॉन एनर्जी का रेवेन्यू 26% बढ़कर ₹4,869 करोड़ पहुंच गया। रिकॉर्ड 710 MW डिलीवरी के दम पर नेट प्रॉफिट ₹394 करोड़ रहा और नेटवर्थ ₹10,000 करोड़ पार हुई

अपडेटेड Oct 29, 2026 पर 5:31 PM
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Suzlon Energy का Q2 FY27 में रेवेन्यू 26% बढ़कर ₹4,869 करोड़ पहुंच गया।

Suzlon Energy Q2 Results: विंड टर्बाइन बनाने वाली कंपनी Suzlon Energy Ltd ने Q2 FY27 के नतीजों में कमाई के मोर्चे पर दमदार तस्वीर पेश की है। कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस सालाना आधार पर 26% बढ़कर ₹4,869 करोड़ पहुंच गया। इस उछाल के पीछे 710 MW की रिकॉर्ड तिमाही डिलीवरी है। तुलनात्मक आधार पर नेट प्रॉफिट 1.3% बढ़कर ₹394 करोड़ रहा, लेकिन मार्जिन पर दबाव साफ दिखा और EBITDA मार्जिन 18.6% से फिसलकर 14.8% पर आ गया।

रिकॉर्ड डिलीवरी ने कैसे बढ़ाई कमाई

इस तिमाही की असली कहानी कारखाने से निकलकर साइट तक पहुंचे टर्बाइनों में छिपी है। Suzlon ने Q2 FY27 में 710 MW की डिलीवरी की, जो कंपनी के लिए किसी एक तिमाही में अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। पिछली तिमाही के मुकाबले डिलीवरी में 40% का उछाल आया।


सिर्फ डिलीवरी ही नहीं, कमीशनिंग ने भी रफ्तार पकड़ी। तिमाही आधार पर कमीशनिंग 69% बढ़कर 454 MW पर पहुंच गई। मतलब टर्बाइन सिर्फ भेजे ही नहीं गए, बल्कि उनमें से बड़ी संख्या चालू होकर बिजली बनाने की हालत में भी पहुंची।

इसका सीधा असर कमाई पर दिखा। Q1 FY27 में रेवेन्यू ₹3,819 करोड़ था, जो Q2 में बढ़कर ₹4,869 करोड़ हो गया। तिमाही दर तिमाही करीब ₹1,050 करोड़ की ये बढ़त 27.5% के आसपास बैठती है। सालाना आधार पर 26% की ग्रोथ के साथ ये तिमाही कंपनी के लिए एग्जीक्यूशन के लिहाज से काफी भारी-भरकम रही।

मुनाफे की असली तस्वीर क्या है?

पहली नजर में मुनाफे के आंकड़े किसी को भी उलझा सकते हैं। पिछले साल की इसी तिमाही यानी Q2 FY26 में कंपनी का रिपोर्टेड नेट प्रॉफिट ₹1,279 करोड़ था। इस बार ये ₹394 करोड़ है। लेकिन ये तुलना सीधी नहीं है।

दरअसल, Q2 FY26 के मुनाफे में ₹891 करोड़ का डेफर्ड टैक्स एसेट बनने का असर शामिल था। ये एक बार का टैक्स से जुड़ा आइटम था, जिसने उस तिमाही के मुनाफे को काफी फुला दिया था। इसे हटाकर बराबरी की तुलना करें, तो Suzlon का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 1.3% बढ़कर ₹394 करोड़ रहा।

तिमाही आधार पर तस्वीर और बेहतर दिखती है। Q1 FY27 में नेट प्रॉफिट ₹305 करोड़ था, जो Q2 में बढ़कर ₹394 करोड़ हो गया। करीब ₹89 करोड़ की ये बढ़त लगभग 29.2% बैठती है।

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EBITDA सपाट, मार्जिन पर दबाव

कमाई में जोरदार उछाल के बावजूद ऑपरेटिंग मुनाफा लगभग वहीं का वहीं रहा। इस तिमाही कंपनी का EBITDA ₹720 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में ये ₹721 करोड़ था। यानी रेवेन्यू 26% बढ़ा, लेकिन EBITDA में लगभग कोई बदलाव नहीं आया।

यही वजह है कि मार्जिन सिकुड़ गया। EBITDA मार्जिन 18.6% से घटकर 14.8% पर आ गया। बिक्री का पहिया तेज घूमा, लेकिन हर ₹100 की कमाई में से ऑपरेटिंग मुनाफे के तौर पर बचने वाला हिस्सा पहले से कम रह गया। प्रॉफिट बिफोर टैक्स में भी नरमी दिखी। PBT पिछले साल के ₹562 करोड़ से घटकर ₹518 करोड़ पर आ गया।

6 GW की ऑर्डर बुक और DevCo का दम

आगे के कारोबार की बात करें तो Suzlon के पास काम की कमी नहीं है। कंपनी की ऑर्डर बुक 6 GW से ज्यादा की है। FY27 की पहली छमाही में कंपनी ने 1.5 GW से ज्यादा के नए ऑर्डर हासिल किए।

इन नए ऑर्डर्स में DevCo-लेड ऑर्डर्स का दबदबा रहा। H1 के कुल ऑर्डर इनटेक में इनका हिस्सा 70% से ज्यादा रहा, जो 1.1 GW से ज्यादा बैठता है।

कंपनी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन यानी EPC कारोबार पर भी जोर दे रही है। कुल ऑर्डर बुक में EPC ऑर्डर्स की हिस्सेदारी 38% है और कंपनी ने FY28 तक इसे 50% तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। ग्राहकों के लिहाज से देखें तो ऑर्डर बुक का 78% हिस्सा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग और कमर्शियल एंड इंडस्ट्रियल ग्राहकों से आता है।

CEO अजय कपूर ने क्या कहा?

Suzlon Group के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अजय कपूर ने कहा, 'Q2 में 710 MW की हमारी रिकॉर्ड डिलीवरी और 454 MW की मजबूत कमीशनिंग बेहतर एग्जीक्यूशन को दिखाती है और रेवेन्यू ग्रोथ को आगे बढ़ा रही है। H1 में 1.5+ GW से ज्यादा के ऑर्डर इनटेक और 6+ GW की ऑर्डर बुक के साथ हम मांग को डिलीवरी में बदलने की अपनी क्षमता दिखा रहे हैं, साथ ही भविष्य की ग्रोथ के लिए मजबूत पाइपलाइन बनाए हुए हैं। EPC का हिस्सा बढ़कर 38% होना एंड-टू-एंड प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन में हमारी बढ़ती भूमिका को दिखाता है।'

Suzlon 2.0 स्ट्रैटेजी को लेकर कहा गया है कि ये रणनीति विंड सेक्टर में कंपनी की लीडरशिप को एक फुल-स्टैक रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस बिजनेस में बदल रही है, जो बड़े पैमाने पर रिकॉर्ड थ्रूपुट और एग्जीक्यूशन दे रहा है। 1.1 GW से ज्यादा के DevCo-लेड ऑर्डर दिखाते हैं कि प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और कैपेसिटी एडिशन की रफ्तार कितनी तेज हो रही है, जो भारत को 2030 तक 100 GW विंड एनर्जी के लक्ष्य की तरफ ले जा रहा है।

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नेटवर्थ ₹10,000 करोड़ के पार

Suzlon ने बताया कि दुनियाभर में उसकी इंस्टॉल्ड विंड कैपेसिटी 22 GW के पार निकल गई है। इसके साथ कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी विंड एनर्जी कंपनियों में शामिल हो गई है।

बैलेंस शीट के मोर्चे पर भी कंपनी ने एक अहम पड़ाव पार किया है। Suzlon की नेटवर्थ ₹10,000 करोड़ से ऊपर निकल गई है। इसी के साथ रेटिंग एजेंसी CRISIL ने कंपनी की लॉन्ग टर्म रेटिंग अपग्रेड करके CRISIL AA-/Stable कर दी है।

Suzlon Foundation बनेगी पूरी तरह कंपनी की सब्सिडियरी

नतीजों से अलग, Suzlon Energy ने Suzlon Foundation Limited को अपने पूरे कब्जे में लेने का फैसला किया है। कंपनी ₹10 फेस वैल्यू वाले 1,00,000 इक्विटी शेयर खरीदेगी, जो Suzlon Foundation की 100% इक्विटी शेयर कैपिटल के बराबर हैं। इस सौदे की कुल कीमत ₹10 लाख है। अधिग्रहण पूरा होने के बाद Suzlon Foundation, Suzlon Energy की पूरी तरह से अपनी यानी वॉली ओन्ड सब्सिडियरी बन जाएगी।

नतीजों से पहले कैसा रहा शेयर का हाल

नतीजों के ऐलान से पहले Suzlon Energy के शेयर पर दबाव दिखा। BSE पर शेयर 1.45% गिरकर ₹36.79 पर बंद हुआ।

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